मंगलवार, 29 अगस्त 2017

स्कूल जाती बच्चियाँ।

.
.
.





सुबह की सैर के दौरान
दिखती है अक्सर ही
स्कूल जाती बच्चियाँ
करीने से दो चोटी बनाये
साफ सुथरी यूनिफॉर्म पहने
हाथों में भी किताबें संभाले
एक दूसरे से चुहल करके
फिर हँसती मुस्कुराती हुई
चिड़ियों सी चहचहाते हुऐ

स्कूल नहीं है दरअसल वो
वह तो है कारखाना एक
जहाँ बनायेगी बच्ची हरेक
अपने लिये औजार अनूठा
ज्ञान-शिक्षा की उस भट्टी  में
अपनी लगन से तपातपा कर

उसी औजार से यही बच्चियाँ
बना लेंगी अपनी खिड़कियाँ
तोड़ देंगी समस्त प्रतिबंध भी
छीन लेंगी यही सब बच्चियाँ
दुनिया के न चाहते हुए भी
अपने हिस्से का पूरा आसमान

अपने आसमान में उड़ते हुए
कल यही स्कूल जाती बच्चियाँ
बना देंगी दुनिया को भी थोड़ा
और ख़ुशनुमा-रंगीन हसीन भी

बेहद सुकून देता है मन को
स्कूल जाती बच्चियाँ देखना
क्योंकि वहीं जाकर बनायेंगी वो
बड़े काम का वो बड़ा औजार !

...

13 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना…. - शैलेन्द्र और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

    जवाब देंहटाएं
  2. thank for share with us
    sharing is caring

    PKMKB

    जवाब देंहटाएं
  3. Nice information keep sharing with us. Please check out web developer also. I hope it will help you.

    जवाब देंहटाएं
  4. Oh Great Nice Blog Posts.https://wishepic.com/sooryavanshi-full-movie-download/

    जवाब देंहटाएं

मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो कृपया उन्हें 'नेकी कर दरिया में डाल' की तर्ज पर ही यहाँ टिप्पणी रूप में दर्ज करें... इस टिप्पणी के पीछे कोई अन्य छिपा हुआ मंतव्य न रखें, आप इसे उधार में मुझे दी गयी टिप्पणी न समझें, प्रतिउत्तर में आपके ब्लॉग पर टिप्पणी करने की किसी बाध्यता को मैं नहीं मानता व मुझसे या किसी अन्य ब्लॉगर से भी ऐसी अपेक्षा रखना न तो नैतिक है न उचित ही !... मैं किसी अन्य के लिखे आलेखों पर भी इसी नियम व भावना के तहत टिपियाता हूँ !

असहमति को इस ब्लॉग पर पूरा सम्मान दिया जाता है, आप मेरे किसी भी विचार का खुल कर विरोध या समर्थन कर सकते हैं, परंतु अशिष्ट या अश्लील भाषा यु्क्त अथवा किसी के भी ऊपर व्यक्तिगत आक्षेपयुक्त टिप्पणियाँ कृपया यहाँ न दें... आप अपनी टिप्पणियाँ English, हिन्दी, रोमन में लिखी हिन्दी, हिंग्लिश आदि किसी भी तरीके से लिख सकते हैं... नहीं कुछ लिखना चाहते हैं तो भी चलेगा... आपके आने का शुक्रिया... आते रहियेगा भविष्य में भी... आभार!