शनिवार, 1 जुलाई 2017

आओ मिलकर करें स्वागत!

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और
आज भी सूरज निकलेगा
होगी बारिश भी कहीं कहीं
कहीं ठंडी ठंडी हवा चलेंगी
तो होगी कहीं उमस-घुटन भी
और
आज भी होगा वही बाजार
पार्क भी होगा वैसे ही गुलजार
अड़ेगा कोई बच्चा आइसक्रीम को
मनाया जायेगा भेलपुरी दिलाकर
और
दुकान आज भी खोलेंगे लालाजी
समोसे जलेबी छानेंगे कारीगर भी
बिकेंगे रंग बिरंगे अनूठे कपड़े लत्ते
नवब्याहताएँ भरेंगी कलाईयाँ अपनी
और
काम से घर लौटते हुए मेहनतकश
ले जायेंगे लड्डू-टॉफ़ी बिटिया के लिये
ठंडा पानी चाय नमकीन प्लेट में सजाये
इंतज़ार करती मिलेंगी संगिनियाँ भी
फिर
इतने परेशान-उदास क्यों हो दोस्त
काहे तुम्हें लग रहा दुनिया डूब रही
सब कुछ तो है पहले सा ही आज भी
GST नये नाम से वही टैक्स ही तो है!

...

12 टिप्‍पणियां:

  1. बड़े खुसनसीब है कि शाम को चाय नमकीन प्लेट में सजा के मिलते है , हमारे यहाँ उन्हें आ कर खुद बना होता है |

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    1. .
      .
      .
      काहे जल रही आप, हम मेहनतकशों से... 😊


      ...

      हटाएं
  2. GST नये नाम से वही टैक्स ही तो है.....सच में

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  3. परेशान,उदास होने पर भी ली निस्तार तो नहीं, इसलिए स्वागत ही करें तो बेहतर ।

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  4. बहुत बढिया
    और सच कहा आपने GST को पता नहीं क्यों हौवा समझ रहे हैं सब
    बहुत सही काम हुआ है ये
    प्रणाम

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  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  6. हिन्दी ब्लॉगिंग की गति बनाये रखने हेतु आपका प्रयास सराहनीय है -शुभकामनाएं

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  7. अन्तर्राष्ट्रीय ब्लोगर्स डे की शुभकामनायें .....#हिन्दी_ब्लॉगिंग

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  8. सुन्दर! #हिन्दी_ब्लॉगिंग फिर से चहक रही है।

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  9. हिन्दी ब्लॉगिंग में आपका योगदान सराहनीय है , आप लिख रहे हैं क्योंकि आपके पास भावनाएं और मजबूत अभिव्यक्ति है , इस आत्म अभिव्यक्ति से जो संतुष्टि मिलेगी वह सैकड़ों तालियों से अधिक होगी !
    मानते हैं न ?
    मंगलकामनाएं आपको !
    #हिन्दी_ब्लॉगिंग

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