सोमवार, 10 जून 2013

पाठक तू निर्णय कर इसका, न्याय पक्ष लेता है किसका ?

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पाठक माईबाप,

आदरणीय एस० एम० मासूम साहब की इच्छा का सम्मान करते हुऐ यह पोस्ट हटा दी गयी है... उनका व मेरा संवाद आप देख सकते हैं    उनकी पोस्ट- "लविंग जिहाद' और ऑनर किलिंग" पर (लिंक)

आपको हुई असुविधा के लिये क्षमा चाहता हूँ...

आभार...


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