सोमवार, 17 अक्तूबर 2011

वैलकम बैक !

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वैलकम बैक, हमारीवाणी !


स्वस्थ बने रहना और अब न जाना छोड़कर... 

मेरे जैसों की तो पचास फीसदी तक की दुकानदारी तुम्हारी ही वजह से जम पाती है ... :)


कोई सहयोग चाहिये तो कमेंट में लिखें पर अपने इस अच्छे काम को जारी रखें ...


आभार !








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6 टिप्‍पणियां:

  1. सच है, पिछले एक सप्ताह से व्यथित थी।

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  2. तरक्की की सीढियों पर चढ़ते हुए हुई असुविधा के लिए खेद है

    आपके प्रिय ब्लॉग संकलक हमारीवाणी को और भी अधिक सुविधा जनक बनाने एवं निरंतर चलाने हेतु इसे स्वयं के सर्वर पर स्थानांतरित करना अत्यंत आवश्यक था, जिसे तकनीकी टीम तथा मार्गदर्शक मंडल के प्रयासों से तथा आप सभी के सहयोग की उर्जा से पूर्ण: कर लिया गया है।. इसी दिशा में कुछ तकनीकी कार्यों के चलते हमारीवाणी पिछले दिनों ताज़ा पोस्ट दिखा पाने में असमर्थ थी। परन्तु अब सभी फाइल्स स्थानांतरित हो गयी हैं तथा तकनीकी कार्य भी अधिकतर पूरा कर लिया गया है, इसलिए इसे दुबारा प्रारंभ कर दिया गया है। इस कारण आप सभी ब्लॉग लेखकों तथा पाठकों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।

    आप सभी के सहयोग के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

    टीम हमारीवाणी

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  3. अक्सर हिंदी ब्लॉग जगत में मुफ्त की सेवा का भरपूर लाभ उठाया जाता है ...धन्यवाद देने की कोई परमप्र नहीं है यहाँ ! हाँ अगर कोई भूल हो जाए तो उसके संचालकों को गालियाँ अवश्य दी जाती हैं ! हमारी वाणी अकेले बूते पर जो कार्य कर रही है उसका कम से कम मैं आभारी हूँ !
    इसके संचालकों को इस अभूतपूर्व काम के लिए बधाई देता हूँ !

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  4. सच सतीश सक्सेना जी कि बात से पूर्णतः सहमत हूँ।

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  5. हमारा तो कोई ब्लॉग ही नहीं है वहां पर!

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