मंगलवार, 3 मई 2011

मारा गया एक ओसामा, सर उठाये जिंदा खड़े हैं अभी भी अनेक सवाल !!!

.
.
.


आखिरकार मारा ही गया ओसामा बिन लादेन...

क्या हुआ और कैसे हुआ यह विस्तार से जानने के लिये देखें बीबीसी के यह तीन लिंक...




आतंकवाद के विरूद्ध लड़ाई में अपने दुश्मन नंबर एक को मार गिराना व समंदर में उसकी कब्र बना देना अमेरिका की उपलब्धि तो कहा जा सकता है पर ओसामा की यह किलिंग खासतौर पर भारत के लिये कुछ बड़े सवाल खड़े करती है...

१- क्या पाकिस्तान मिलिटरी एकेडमी से महज कुछ सौ मीटर दूर एक विला में शायद सालों से रह रहे ओसामा के बारे में पाकिस्तान सरकार को नहीं पता था ?...  हकीकत में यह मकान गेस्ट हाउस था और वह पाकिस्तान सेना का अतिथि !

२- क्या अमेरिका को भी वाकई इस बारे में नहीं पता था ? अमेरिका और पाकिस्तान को इस बारे में सब पता था, अफगानिस्तान में सेना बनाये रखने पर होने वाली मानवीय व आर्थिक क्षति रिसेशन के इस दौर में अमेरिका की बरदाश्त से बाहर है, इसलिये पाकिस्तान ने प्लेट पर रख ओसामा को अमेरिका को दे दिया, आओ, मारो और साथ ले जाओ... अब ओसामा तो रहा नहीं, इसलिये जल्द ही अमेरिका भी अफगानिस्तान से बाहर निकलेगा !

३- भारत के विरूद्ध होती हर आतंकवादी हरकत के बाद पुख्ता सबूतों की मांग करने वाले पाकिस्तानियों व अमेरिकियों को पाकिस्तान के एक आतंकवादी देश होने के बारे में अब क्या सबूत चाहियें ?

४- बहुत जल्द ही अमेरिका अफगानिस्तान को उसके हाल पर छोड़ बाहर होगा, पर पूरी दुनिया पर अपनी हुकुमत करने का सपना देखते तालिबानी व अल-कायदा के दरिन्दे वहाँ फिर भी मौजूद रहेंगे, साथ ही उनके हथियार व उनको सैद्धान्तिक व आर्थिक मदद देने वाला सउदी अरब व अन्य पेट्रो देशों का तंत्र भी... गरीब मुल्कों में मजहबी शिक्षण संस्थाओं की बदौलत जन्नत जाने के नाम पर खुद को उड़ा देने वाले जेहादियों की भी कोई कमी नहीं होगी... साथ में पाकिस्तान जैसी आतंक की नर्सरी व अभयारण्य भी... कल्पना भयावह तो है पर है हकीकत के करीब... और वह यह कि आने वाले सालों में इस्लामी आतंक की सबसे ज्यादा मार भारत को झेलनी होगी क्योंकि हमीं इन जेहादियों के सबसे नजदीक व आसानी से वार करने योग्य टारगेट होंगे...
यह जो रायता फैला दिया गया है हमारे इर्दगिर्द, क्या हम इसका हिसाब मांगेंगे कभी ?

५-  अन्य सब बातों से जरूरी क्या यह नहीं कि भारत भी अपनी ' राष्ट्र रक्षा नीति '  शीघ्र बनाये और सिंगल माइंडेड फोकस के साथ उसको लागू करने की ओर बढ़े ?


सोचिये ?






...


12 टिप्‍पणियां:

  1. ये तो सवाल ही नही है ! इन सवालो का जवाब तो हर किसी के पास है, लेकिन कोई देना ही नही चाहता!

    उत्तर देंहटाएं
  2. ओसामा पाकिस्तान में था तो क्या अमेरिका की जानकारी में यह बात नहीं थी ?
    क्या अब भी इस बात में कोई शक है कि पाकिस्तान वही करता है जो कि अमेरिका आर्डर देता है। पाकिस्तान तो एक मोहरा भर है अमेरिका का और अमेरिका के खि़लाफ़ तो बोलने भर की जुर्रत नहीं है भारत में, ऐसे में उसके खि़लाफ़ लड़ना तो बहुत दूर की बात है। इस बात को भारत भी जानता है और भारत के नक़ली बुद्धिजीवी भी। ऐसे में उम्दा तरीक़ा यह रहता है कि उसके पिठ्ठू के खि़लाफ़ तो आग उगली जाए और उसे नीति और धन देने वाले उसके आक़ा के लिए न कुछ कहा जाए और न ही कुछ सोचा जाए।
    भारतीय शासक इसी तरह ‘समरथ को नहीं दोष गुसाईं‘ के उसूल पर चलकर हज़ारों साल से मलाई चाटते आ रहे हैं, अब भी यही होगा।
    आपकी पोस्ट की चर्चा आप देख सकते हैं ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ पर।
    http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/05/osama-bin-laden.html

    उत्तर देंहटाएं
  3. पाकिस्तान ने प्लेट पर रख ओबामा को अमेरिका को दे दिया, आओ, मारो और साथ ले जाओ... अब ओबामा तो रहा नहीं, इसलिये जल्द ही अमेरिका भी अफगानिस्तान से बाहर निकलेगा !

    Obama?

    उत्तर देंहटाएं
  4. परवीन साहब,

    आपके लेख में जहां ओसामा होना चाहिए, ओबामा कहा गया है। यदि त्रृटि है तो सुधार लें, और यही इंगित है तो…………

    उत्तर देंहटाएं
  5. आप की पोस्ट अभी पढ़ी ऐसा लग रहा है जैसे आप के ही कुछ सवालो का जवाब देने के लिए मैंने अपनी पोस्ट लिखी है, पर ऐसा है नहीं, शायद आप के कुछ सवालों का जवाब आप को मेरी पोस्ट में मिले |

    बाप रे ये क्या लिख दिया है अबोमा अब रहा नहीं अमेरिकी आप के ब्लॉग पर हमला कर देंगे जल्दी गलती सुधारिये :))

    उत्तर देंहटाएं
  6. hai kya vaastav me osaama mar gyaa oh agar aesaa hai to fir amerika ne khud ki surkshaa or kdi kyun kar di hai .............akhtar khan akela kota rajsthan

    उत्तर देंहटाएं
  7. .
    .
    .
    @ निशांत मिश्र जी, सुज्ञ जी व अंशुमाला जी,

    भूल-सुधार कर दिया है, आभार आप सभी का !



    ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. हमारे देश के कर्णधार सिर्फ एक काम पुरे मनोयोग से कर सकते हैं और वो है किसी न किसी तरह से अपना वोट बैंक बचाना.

    उत्तर देंहटाएं
  9. ओबामा को इस तरह नहीं मारना चाहिये था ओसामा को। एक मुसलमान होने के बावजूद उन्होंने काफ़िराना काम किया।

    यह मेरे नहीं, मेरे एक मित्र जो यहाँ भयंकर किस्म की टिप्पणी किये बैठे हैं, उनके दिल के "अंदर की बात है"। हा हा।

    उत्तर देंहटाएं
  10. इस समय भारत का नेतृत्व और उससे यह अपेक्षा!

    उत्तर देंहटाएं
  11. राष्ट्रीय रक्षा नीति होगी ज़रूर पर राजनैतिक नेतृत्व उसे जग जाहिर करे / लागू करने की इच्छा शक्ति दिखलाये तो सही !

    उत्तर देंहटाएं

मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो कृपया उन्हें 'नेकी कर दरिया में डाल' की तर्ज पर ही यहाँ टिप्पणी रूप में दर्ज करें... इस टिप्पणी के पीछे कोई अन्य छिपा हुआ मंतव्य न रखें, आप इसे उधार में मुझे दी गयी टिप्पणी न समझें, प्रतिउत्तर में आपके ब्लॉग पर टिप्पणी करने की किसी बाध्यता को मैं नहीं मानता व मुझसे या किसी अन्य ब्लॉगर से भी ऐसी अपेक्षा रखना न तो नैतिक है न उचित ही !... मैं किसी अन्य के लिखे आलेखों पर भी इसी नियम व भावना के तहत टिपियाता हूँ !

असहमति को इस ब्लॉग पर पूरा सम्मान दिया जाता है, आप मेरे किसी भी विचार का खुल कर विरोध या समर्थन कर सकते हैं, परंतु अशिष्ट या अश्लील भाषा यु्क्त अथवा किसी के भी ऊपर व्यक्तिगत आक्षेपयुक्त टिप्पणियाँ कृपया यहाँ न दें... आप अपनी टिप्पणियाँ English, हिन्दी, रोमन में लिखी हिन्दी, हिंग्लिश आदि किसी भी तरीके से लिख सकते हैं... नहीं कुछ लिखना चाहते हैं तो भी चलेगा... आपके आने का शुक्रिया... आते रहियेगा भविष्य में भी... आभार!