गुरुवार, 31 मार्च 2011

शनिवार २ अप्रैल को विश्वविजयी होंगे हम !!!... आप रविवार को कहाँ जा रहे हैं जश्न मनाने ?...

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सच कहूँ तो मोहाली की जीत के बाद अब मुंबई में क्या होगा शायद ही किसी को इस से कोई फर्क पड़े... अपने पड़ोसी पाकिस्तान पर पाई गयी यह जीत है ही इतनी बड़ी... बुधवार के मैच में हमारी टीम ने दिखा दिया कि 'टीम इन्डिया' में वाकई दम है... यदि किसी एक डिपार्टमेंट में टीम कुछ कम रहती है तो अन्य क्षेत्रों में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को बहुत-बहुत ऊँचा उठा ले जाते हैं... कुछ ऐसा ही हुआ इस मैच में... सहवाग की धमाकेदार शुरूआत के बाद २६० का स्कोर यकीनन कुछ कम ही था... पर भारतीय गेंदबाजी व फील्डिंग ने इसे काफी बड़ा बना दिया...

यह रहा स्कोरकार्ड... अपनी पिछली पोस्ट में मैंने एक अनुमान सा लगाया था कि खिलाड़ी जो कुछ खास करेंगे मोहाली में... भारत... धोनी, हरभजन व वीरेन्द्र सहवाग भज्जी ने खतरनाक उमर अकमल व शाहिद अफरीदी के विकेट लेकर, सहवाग ने उमर गुल के ऊपर शुरूआती हमला करके (जिससे गुल पूरे मैच में कभी उबर नहीं सके) व धोनी ने पिच को मिसरीड कर के (पोस्ट मैच कान्फ्रेंस में धोनी ने कहा कि उन्होंने पिच को मिसरीड किया व अश्विन की जगह तीन सीमरों के साथ उतरे) वह खास काम किया... भले ही तीन पेसर खिलाना पिच के अनुसार सही फैसला नहीं था परंतु मुनाफ ने दस ओवर में ४० रन व नेहरा ने दस ओवर में केवल ३३ रन दिये व दोनों ने ही दो-दो विकेट भी लिये... यानी यह फैसला टीम के लिये फलदायी ही रहा... साफ है कि टीम इंडिया के साथ मुकद्दर भी है... धोनी ने रन २५ ही बनाये परंतु दबाव के बावजूद उन्होंने बहुत ही अच्छी कप्तानी की... उनकी फील्ड सजावट व बॉलिंग चेन्ज शानदार रहे...

युवराज वहाब की जिस गेंद पर आउट हुऐ वह ऐसा 'अनप्लेयेबल इनस्विंगिंग यार्कर' था जिसे शायद ही कोई बल्लेबाज ख़ेल पाता... रैना की पारी भी अहम रही...

याद करिये कि पिछली बार ऐसा कब हुआ कि एक ही पारी में सचिन के चार कैच छूटे हों व एक बार डिसीजन रिव्यू के बाद उनका विकेट बचा हो... आखिरी में 'क्रिकेट के इस भगवान' के बनाये ८५ रन अनमोल साबित हुए... मैच की सुबह मैं टीवी देख रहा था तो एक सवाल के जवाब में महान पाकिस्तानी लेग स्पिनर अब्दुल कादिर कह रहे थे कि दुनिया के हर मुल्क के खेल प्रेमी अपने-अपने 'रब' से दुआ करें कि सचिन अपना सैकड़ों का सैकड़ा इसी मैच में करें... और यह सब कहते हुऐ कादिर के चेहरे पर पवित्रता और संजीदगी झलक रही थी... इतने अहम मैच के पहले भी कादिर ने यह कहा यह बताता है कि खिलाड़ी का केवल और केवल एक ही धर्म है और वह है खेल... दिलों को जोड़ने के लिये खेल से बेहतर कुछ नहीं...

फाइनल लंका से है... लंका का शीर्षक्रम इस पूरे टूर्नामेंट में बेहद शानदार बल्लेबाजी कर रहा है... वानखेड़े पर यदि पाटा पिच बनी तो भारत को नुकसान हो सकता है... मुझे लगता है कि ऐसी पिच मिलेगी जिससे गेंदबाजों को भरपूर मदद मिलेगी... लंका के पास दो गेंदबाज ऐसे हैं जिनका बॉलिंग एक्शन कुछ हटकर, कुछ अजीबोगरीब सा है... मुरली धरन का एक्शन तो हमेशा से ही विवादों में घिरा रहा है...

देखिये डारेल हेयर उनको नोबॉल करते हुऐ...



लसिथ मलिंगा भी कोई पाकसाफ नहीं हैं...

भारत को इन दोनों को ढंग से देख कर खेलने की जरूरत है... इनको विकेट देना घातक हो सकता है...

ज्यादा आपकी फिक्र नहीं बढ़ाउंगा...

क्योंकि जीतेंगे हम ही...



एक सवाल आपसे भी:-

कल के मैच से पहले मैंने चैनलों पर देखा कि दोनों मुल्कों में लोगों ने धर्मस्थलों पर अपनी टीम की जीत की दुआयें मांगी... खेल तो खेल है और जीत-हार खिलाड़ियों के खेल के ऊपर ही होगी...

क्या नतीजे में भी 'ऊपरवाले' का कोई रोल है/ होना चाहिये ?

जवाब देंगे न...


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विजयोत्सव:-

क्या आपको याद है १९८३ विश्व कप की हमारी यह जीत...

कपिल और साथियों ने एक सोते हुऐ मुल्क को जगा सा दिया था उस दिन...



यह रहा वीडियो भी...






जीतने के वाद सौरभ गांगुली के इस कमीज उतार लहराने को हम कैसे भूल सकते हैं...




देखिये वीडियो भी...



देखते हैं जीतने पर टीम इंडिया क्या अनोखा करती है विजयोल्लास प्रदर्शन को...





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11 टिप्‍पणियां:

  1. हुरररररररररे!!!!!! हम जीत गए!!!!!!!!!


    बहुत-बहुत मुबारक हो!!! सबको मुबारक हो!!! पाकिस्तान को भी मुबारक हो!!! :-) :-) :-) :-) :-)

    खुशदीप भाई कह रहे हैं, हर हिन्दुस्तानी की बात!....... हटो, हटो, ऐ श्रीलंका वालों, वर्ल्ड कप अब हमारा है...

    धूम-धूम धडाम-धडाम धम्म-धम्म टूंश, फूंश, भड-भड-भड-भड... धिनशा-धिनशा.... फटाक-फटाक... धडाम-धडाम... ठाँ-ठाँ-ठाँ-ठाँ....


    [यह वोह बम्ब-पठाखे हैं जो रात जलाएं हैं :-) :-) :-) ]



    चलिए लगे हाथ आपको यह भी बता देते हैं की कल का मैच किसने जिताया... अपने ब्लॉग पर मैंने उसका फोटो लगाया है... :-) :-) :-) :-)



    http://www.premras.com/2011/03/blog-post_31.html

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  2. अब्दुल कादिर के सचिन के सतक वाली बात पर सक होता है क्यों एक पाकिस्तानी फैन का बयान टीवी पर देखा कह रहा था कि " हा हा सचिन को सतक तो लगाना ही चाहिए हम भी यही चाहते है क्योकि सचिन सतक लगायेंगे तो भारतीय टीम मैच हार जाएगी हर बार की तरह "( सचिन के बारे में ये अफवाह किसने फैला रखी है )

    @सच कहूँ तो मोहाली की जीत के बाद अब मुंबई में क्या होगा शायद ही किसी को इस से कोई फर्क पड़े...

    बस इसी बात का तो डर है कही टीम आत्मसंतुष्ट न हो जाये २००३ की तरह खुद धोनी भी क्वार्टर फ़ाइनल के बाद ये बात कह चुके है की लोग सेमीफाइनल जितने के लिए कह रहे है आगे देखी जाएगी |

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  3. ab aap astrologer hogaye

    aap ne kehaa thaa mohali mae jeetagae

    jeetgaye

    ab aap keh rahey haen mumbai mae dushera manegaa to

    manegaa hii


    badhii aur meethai kae liyae naari blog par aapki aamad kaa intezaar haen

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  4. आज तो हर भारतवासी को पूरी ताकत के साथ मुठ्ठियां हवा में लहराते हुए ये गाना गाना चाहिए...

    हिमालय की चोटी पर चढ़ कर,
    हमने ये ललकारा है,
    दूर हटो, दूर हटो,
    हटो हटो, ऐ श्रीलंका वालों,
    वर्ल्ड कप हमारा है...

    जय हिंद...

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  5. बहुत ही अच्छा पोस्ट है जी ! हवे अ गुड डे ! मेरे ब्लॉग पर जरुर आना !
    Music Bol
    Lyrics Mantra
    Shayari Dil Se
    Latest News About Tech

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  6. क्रिकेटोमैनिया से आप और यह देश उबरे तो कुछ और बात भी की जाय -तो फिनाले कब है ? कब है फिनाले?

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  7. एक तरफ़ा मुकाबले की संभावना से डर लगता है बस !
    बाकी नतीजा जो भी हो, इस विषय पर आपकी पोस्ट पढने में बड़ा मजा आता है
    मुंबई वासी ब्लोगर भाई बहनों को बधाई

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  8. @मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो .........

    एक तो लोगों को पढने की आदत वैसे ही कम होती है :) ऊपर से टिपण्णी करने से पहले ये लम्बी चौड़ी पोस्ट ? :)
    बढ़िया है :)

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