सोमवार, 28 मार्च 2011

मोहाली की महाभिड़न्त... जीतेंगे हम ही !!!

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मैंने तो पहले ही कह दिया था कि कप अब हमारा है...
विपरीत परिस्थितियों में खेली गई रिकी पोंटिंग की महान पारी भी आखिर आस्ट्रेलिया को जीत नहीं दिला सकी... बल्लेबाजी भारतीय टीम की ताकत है और टीम ने क्वार्टरफाईनल के इस मैच में बखूबी इसे दिखाया भी...

'फॉर ए चेन्ज' हमारी फील्डिंग शानदार रही और मैच के बाद धोनी ने इस बात को स्वीकार भी किया कि भारतीय टीम इससे बेहतर फील्डिंग शायद नहीं कर सकती थी... गेंदबाजों ने भी नियंत्रित गेंदबाजी की... परंतु सही कहूँ तो धोनी के आउट होने के बाद भी जब तकरीबन सत्तर रन और करने थे, ऐसे समय में एक बार तो लग रहा था कि गया मैच हाथ से... परंतु तारीफ करनी होगी युवराज की जिन्होंने नियंत्रित पारी खेली व दबाव को कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया... हालांकि टूर्नामेंट की शुरूआत से रैना पर टीम प्रबंधन ने ज्यादा विश्वास नहीं जताया परंतु मोटेरा में उन्हें यह सोच लाया गया कि टीम को अपने पूरे पचास ओवर खेलना जरूरी है और यह कदम अंत में सही साबित हुआ...

खिलाड़ियों पर दबाव कितना ज्यादा था यह आप गंभीर के उदाहरण से समझ सकते हैं अपने पचास रन पूरे करने के बाद जीतने के लिये रन जल्दी बनाने का दबाव उन पर इतना हुआ कि Non Existent Runs के लिये वह दौड़ने लगे, दो बार बाल-बाल बचे पर तीसरी बार आखिरकार पैवेलियन का रास्ता नापना ही पड़ा उनको... ऐसे में जो खेल रैना व युवराज ने दिखाया, वाकई काबिले तारीफ है... ब्रेट ली के आखिरी स्पैल में ओवर की पहली ही गेंद पर रैना ने जिस तरह से फ्रंटफुट पर जाकर मिडऑन पर उनको छक्का जड़ा, उस शॉट से भले ही रन छह ही मिले, परंतु आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के कंधे उस शॉट के बाद झुक से गये... और खत्म हो गया उनका यह विश्वास कि वे अपनी तेज गेंदों से बची हुई भारतीय बल्लेबाजी को दबाव में ले सकते हैं... इसके बाद के बाकी रन आसानी से बन गये...

अब वह मैच होगा जो हमारे दोनों मुल्कों के जीवन को लगभग रोक सा देगा ३० मार्च के दिन... उस दिन सिनेमाघर खाली रहेंगे, आफिसों में अचानक बहुत से लोग 'बीमारी' के कारण नहीं पहुंचेंगे, शादी-ब्याह, पारिवारिक आयोजन आदि आदि खाली खाली से दिखेंगे... एक एक गेंद के साथ देश के बहुतों की धड़कनें बढ़ेगी-घटेंगी...कहना बहुत आसान है कि और खेलों की तरह क्रिकेट भी एक खेल ही तो है... पर ३० मार्च को वह खेल नहीं रहेगा... एक जुनून में बदल जायेगा यह मैच...

पाकिस्तान के साथ विश्वकप में भारत चार बार पहले भिड़ चुका है और हर बार जीत हमारी ही हुई है... इस बार भी यदि टीम इंडिया अपनी ८० प्रतिशत क्षमता से भी खेले तो हमें जीतने में कोई मुश्किल नहीं आनी चाहिये... शाहिद आफरीदी ने बयान दिया है कि सचिन को अपने सौवें सैकड़े के लिये विश्वकप के बाद तक इंतजार करना होगा... टीवी में मैं देख रहा था तो कपिल देव से जब इसी बयान पर सवाल किया गया तो अपने खास बेफिक्र अंदाज में मुस्कुराते कपिल ने कहा " कोई बात नहीं हमारे लिये सचिन के ९९ रन ही काफी हैं "...

पाकिस्तान ने इस विश्व कप में अभी तक उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है... उमर गुल ने बेहतरीन गेंदबाजी की है परंतु सबसे बड़ा असर डाला है कप्तान अफरीदी ने, अभी तक २१ विकेट ले चुके हैं वे और पाकिस्तान के सबसे मारक गेंदबाज के तौर पर उभरे हैं... अनुशासन तोड़ने के कारण पाकिस्तान पिछले कुछ मैचों से शोएब अख्तर को नहीं उतार रहा... परंतु मोहाली की पिच तेज गेंदबाजों को मदद करने के लिये मशहूर है इसलिये हो सकता है कि शोएब यहाँ खेलें...

मोहाली में गेंद को उछाल मिलता है व गेंद टप्पा पड़ने के बाद तेजी से बल्ले पर आती है तेज गेंदबाज के लिये यह मददगार तो है ही स्ट्रोकमेकर बल्लेबाज के लिये भी ऐसी पिच काफी मददगार होती है... मतलब यह कि वीरू, सचिन, धोनी, युवराज व रैना के बल्ले से मोहाली में खूब रन निकलेंगे... भारतीय गेंदबाज अफरीदी की गेंदें आराम से खेल ले जायेंगे... पिच में ज्यादा स्पिन नहीं मिलेगी और वैसे भी भारतीय बल्लेबाज स्पिन के विरूद्ध निर्विवाद रूप से विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं...

युनुस, मिस्बाह, अफरीदी व शोएब को छोड़ पाकिस्तान के अधिकतर खिलाड़ी अपेक्षाकृत नये हैं व दबाव में आ जायेंगे... स्थितियाँ जब अनुकूल न हों तो अफरीदी भी दबाव नहीं झेल पाते... भारतीयों को अफरीदी को दबाव में लेने की ओर भी काम करना होगा... मुझे आश्चर्य नहीं होगा कि खेल के दौरान दो-तीन बार गरमागरमी हो और इस की पहल भारतीय करें...

हमारी टीम कमोबेश वही रहेगी जो मोटेरा में खेली थी... पीयुष चावला के लिये मोहाली में जगह बनती नहीं दिखती... अगर खिलाया गया तो उनकी पिटाई भी हो सकती है... पठान के ऊपर रैना को वरीयता मिलेगी... मोहाली के मैदान पर श्रीसंथ ज्यादा प्रभावी होंगे, वैसे भी मुनाफ कभी भी विकेट ले सकने वाली गेंदबाजी करते नहीं दिखते... मैं तो यही उम्मीद करूंगा कि श्रीसंथ ही खेलें...

फिर मुझे लगता है कि हम यह मैच जीतने जा रहे हैं और वानखेड़े में कीवियों से फाइनल खेलेंगे...

खिलाड़ी जो कुछ खास करेंगे मोहाली में...

पाकिस्तान... उमर अकमल, अफरीदी व अब्दुल रज्जाक

भारत... धोनी, हरभजन व वीरेन्द्र सहवाग




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क्रिकेट मसाला:-

बॉल टेंपरिंग...

आज देखिये बॉल टेंपरिंग का वह मशहूर वीडियो जिसमें वर्तमान पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी क्रिकेट की गेंद को सेब समझ सरेआम अपने दाँतों से काट रहे हैं...

विस्तृत खबर यहाँ है...


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आभार : यू-ट्यूब गूगल इमेजे्ज...



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18 टिप्‍पणियां:

  1. क्रिकेट के बुखार में जकड़े हैं सभी ...
    ऐसा ही हो !

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  2. टीम इंडिया के लिए अनेक शुभकामनाएँ.

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  3. कप अब हमारा है :)

    धोनी कुछ अच्छा करेंगे यह उम्मीद मुझे तो नहीं है पर सचिन और युवराज धूम मचा देंगे यह पक्का है|

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  4. टीम इंडिया के लिए अनेक अनेक शुभकामनाएँ|

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  5. बुधवार की प्रतीक्षा है, हमें भी।

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  6. प्रवीण जी... अपनी टीम कागजों में तो ताकतवर है ही, आस्ट्रेलिया मैच के बाद मैदान में भी लय में आगई है... जो कमियों दिखाई दे रही थी उन सभी को आस्ट्रेलिया मैच में पूरा कर लिया गया है, और इस समय एक ज़बरदस्त ताकतवर दिखाई दे रही है.... ना सिर्फ गेंद, बल्ले और फील्डिंग में बल्कि माइंड गेम में भी... यह एक सकारात्मक बात है, क्योंकि मोहाली में जीत माइंड गेम पर ज्यादा निर्भर करेगी!

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  7. i hope the political diplomacy does not harm the team

    our so called political leaders are capable of sabotaging any thing and

    "its just a game " they will say friendship is more important

    i am keeping my fingers crossed on "fix"

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    Rachna ji,

    I sincerely hope that your apprehensions are not true.

    For any 'Friendship' to bloom, both the parties should know their exact place under the sun, And for this very reason I think " We Should Win ".

    ... :))



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  9. पर धोनी के बल्ले और हरभजन की गेंदबाजी की का क्या करे ये कब फार्म में आयेंगे | वैसे धोनी अच्छा न ही खेले तो अच्छा है पोंटिंग अच्छा नहीं खेल रहे थे जब खेले तो टीम कप के दौड़ से बाहर हो गई | पिछली बार अपने पैसे हार कर अच्छा लगा पर इस बार तो मै कहूँगी की मामला तो ५०-५० का है |

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  10. praveen

    indian "conditions" say greatness lies in loosing and not winning

    either way india is going to be a loser

    if they win the game they lose the diplomatic game they are playing and

    if the win the diplomatic game they are playing then game is lost

    WE HAVE ALL THE CHANCES / PROBABILITES TO BECOME GREAT NATION AFTER MOHALI

    i hope the players remain firm and root for cricket and not the diplomacy AND WIN THE GAME FOR indian fans


    bhaad mae gayee politics

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  11. jit hamari ho viswas hai aur kamna bhi karta hoon......lekin khel 'kanto' ka ho hoga ................

    pranam.

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  12. आपकी ही तरह सारा भारत यही दुआ कर रहा है कि भारत पाकिस्तानियों को धुल चटा दे। बेहतर आलेख है।

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  13. फिंगर्स क्रोस्ड..... :)
    मैच का इंतज़ार है अब तो बस....
    हम ही जीतेंगे....आमीन...

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