शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

दे घुमा के !

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मेरे 'क्रिकेट-दीवाने' मित्रों,

तो कल शुरू हो गया क्रिकेट का यह महाकुंभ ढाका में... अच्छा समारोह था... परंतु सच कहूँ तो चौदह कप्तानों की मानव चालित सजे हुऐ रिक्शों में एंट्री खली... एक ऐसा समारोह जिसे पूरी दुनिया देख रही थी उसमें आदमी द्वारा आदमी को खींचे जाते रिक्शों को दिखा बांग्लादेश क्या दिखाना चाह रहा था, मेरी समझ से बाहर है... भारतीय उपमहाद्वीप के बारे में पश्चिम की एक पुष्ट धारणा है कि हम भूख-गरीबी-साँप-संपेरों-जहालत-असमानता-विरोधाभासों-पाखंड से भरे देश हैं... और इस प्रदर्शन ने उस धारणा को और पुष्ट किया...

दे घुमा के !
दे घुमा के !!-(यू-ट्यूब लिंक)
दे घुमा के !!!(MP3 डाउनलोड लिंक)

उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ के मनोज यादव का लिखा व शंकर-एहसान-लॉय द्वारा गाया संगीतबद्ध यह गाना अच्छा बन पड़ा है... पर क्रिकेट केवल 'दे घुमा के' नहीं है... यह आगे आपको बताउंगा...


कल की पोस्ट में मैंने आठ खिलाड़ियों की चर्चा की थी...

अब आगे...

युसुफ पठान : बड़ौदा का यह खिलाड़ी खेल का रूख एकदम बदल सकता है... अगर चल निकला तो मैदान के हर हिस्से में शॉट मार सकता है बस उसे थोड़ी विड्थ (Width) चाहिये... बदन के ऊपर आती तेज गेंदें उसकी कमजोरी हैं विरोधी टीमें इसका फायदा उठा सकती हैं पर शरीर पर चोट खाकर भी टिके रहने का माद्दा है उसमें... स्लिप पर उम्दा कैचर है व पाँचवे बॉलर के तौर पर चार-पाँच ओवर भी मिलेंगे युसुफ को...

आर अश्विन : आईपीएल व घरेलू सत्र में इस खिलाड़ी ने उम्दा प्रदर्शन किया है... बॉलिंग पर बेहतर नियंत्रण है... निचले क्रम पर कुछ रनों की उम्मीद भी है उनसे... दूसरे स्पिनर के तौर पर पीयूष चावला के मुकाबले वह बेहतर ऑप्शन हैं...

पीयूष चावला : मुरादाबाद का यह लेग स्पिनर खिलाड़ी स्पिनर फ्रेंडली पिचों पर बेहद मारक है... पर उसका छोटा कद उसके खिलाफ भी जाता है... सपाट पिच जिस पर न उछाल हो न टर्न उस पर चावला की गेंद कम ऊँचाई से डिलीवर होने के कारण अन्य की अपेक्षा नीची रहेगी और पिटाई भी खूब होगी... पर अच्छी बात यह है कि वह बॉल को फ्लाईट देने से नहीं डरता... मेरे विचार में केवल टीम के लिये 'टेलरमेड' पिचों पर मौका मिलेगा उसे...

हरभजन सिंह : अगर टीम को कप जीतना है तो हरभजन का चलना जरूरी है... वह हर स्थिति में विकेट दिला सकता है... हाल के कुछ समय में उसने अपनी बल्लेबाजी बहुत सुधारी है और काफी रन भी करेगा वह इस बार... भारत के स्पिन गेंदबाजी आक्रमण की कमान होगी हरभजन पर इस बार...

एस श्रीसंथ : इसे Blessing in Disguise ही कहूँगा कि प्रवीण कुमार को चोट लगी और श्रीसंथ टीम में आये... उसमें जोश है जुनून है और सबसे बड़ी बात जो है वह है १४०-१४५ किमी० के आसपास गति से बॉल फेंकने की क्षमता... १२५ किमी०/घंटा की गति से गेंद फेंकने वाले प्रवीण कुमार को यद्मपि धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के जोगेंदर शर्मा की तरह अपना लकी मैस्कट मानते हैं पर उपमहाद्वीप की पिचों पर जहाँ न गेंद ज्यादा सीम होती है, न स्विंग और न ही ज्यादा उछाल मिलता है वहाँ प्रवीण कुमार की खूब पिटाई होती !

आशीष नेहरा : चोट रहित रहे तो आशीष नेहरा अच्छा बॉलर है, उसके पास गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की कला है... पर यदि टीम ने दो ही पेसर खिलाये तो उसकी जगह नहीं बनेगी... नेहरा की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि यदि शुरूआत में उसे विकेट मिल गया तो पूरा स्पैल अच्छा रहेगा... पर यदि शुरूआत में ही किसी बल्लेबाज ने पिटाई कर दी तो नेहरा की गेंदबाजी एकदम बिखर जाती है...

मुनाफ पटेल : मुनाफ का आगाज हुआ था एक्सप्रेस फास्ट बॉलर के रूप में... पर समय के साथ उन्होंने अपनी रफ्तार खो दी... आजकल १३० किमी०/घंटा के आसपास की रफ्तार से गेंद फेंकते हैं वे... विकेट टू विकेट बालिंग करते हैं... फील्डिंग बहुत ही कमजोर है, धोनी को उन्हें फील्ड में छुपाने के लिये काफी दिमाग लगाना पड़ेगा... सपाट पिचों पर जमे हुऐ बल्लेबाजों के लिये मुनाफ को खेलने में कोई मुश्किल नहीं आने वाली...

जहीर खान : इस भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का 'स्पीयरहेड' है यह खिलाड़ी... समय के साथ जहीर की रफ्तार कम हुई है पर बहुत बढ़ गया है उसका ' ट्रिक्स ऑफ द ट्रेड ' का खजाना... मनाइये कि वह २००३ के फाइनल जैसी गलती दुबारा न करे जहाँ उसके ओवर-अग्रेसन के कारण आस्ट्रेलियाई इतने चार्ज हुऐ कि उन्होंने इतने रन टांग दिये कि चेज करने वाली कोई भी टीम न बना पाये...

कुल मिलाकर हमारी बल्लेबाजी ठीकठाक है पर गेंदबाजी कोई ज्यादा विश्वास नहीं जगाती...

मेरे विचार से पहले मैच की प्लेईंग इलेवन होगी...

वीरू
गंभीर
सचिन
युवराज
विराट
माही
युसुफ
अश्विन
हरभजन
श्रीसंथ
जहीर

बल्लेबाजी क्रम भी कमोबेश यही रहेगा...

देखते हैं आगे क्या होता है...



क्रिकेट मसाला

यह खेल जितना मैदान पर खेला जाता है उससे ज्यादा दिमाग में भी... एक मैच की बात बता रहा हूँ लिमिटेड ओवर मैच था... मैं अंपायर था... बॉलिंग करने वाली टीम के सब अच्छे बॉलर अपना कोटा खत्म कर चुके थे... पार्ट टाइम बॉलर गेंद डाल रहा था महज दो रन और बनाने थे... आखिरी जोड़ी थी मैदान पर... बल्लेबाज अभी तक बहुत सेसिबली टुक-टुक कर एक एक रन जुटा रहे थे... अचानक विकेटकीपर स्लिप पर खड़े फील्डर से जोर-जोर से कहने लगा (अपने ही बॉलर के बारे में)... " इस _ _ या की बॉल पर तो मेरी भाभी भी छक्का मार देगी, पर आज देखो कितने भाव मिल रहे हैं "... और फिर वही हुआ जो ऐसे में अक्सर होता है... अगली ही गेंद पर बल्लेबाज पूरी ताकत से बल्ला घुमाते क्रीज से बाहर निकला... और स्टंप आउट !

मुझ से हाथ मिलाते हुऐ विकेटकीपर ने आँख मारी और बोला " देखा ! पहना दी ना टोपी, _ ले _ _ या को "





आभार!






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चित्र साभार : Google images




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8 टिप्‍पणियां:

  1. गाना तो अच्छा है कम से कम लोगो के जुबान पर तो है कामनवेल्थ की तरह नहीं :)

    सबसे ज्यादा दबाव पियूष चावला पर ही होगा उन्हें खुद को साबित करना होगा सभी उनके चयन से चकित थे और वो धोनी के चहेते है अभ्यास मैच में तो अच्छा किया किन्तु अभ्यास और वास्तविक मैच में काफी फर्क होता है | श्रीशांत पर तो बैन का डर सता रहा है गेद से तेज तो उनकी जबान चलती है अभ्यास मैच में ही विरोधी खिलाडी से भीड़ पड़े उन्हें सुधरने की जरुरत है लेकिन बस थोडा सा |

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  2. वास्‍तव में टोपी पहना दी। मानसिकता तो बहुत प्रभावित करती है।

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  3. हाँ हाँ बढ़िया ट्रिक थी ............ मैं तो अति प्रतिभावान बल्लेबाजों के लिए दूसरी ट्रिक इस्तेमाल करता था .. दरअसल अक्सर कप्तान होने के नाते मुझे इस तरह की एक्स्ट्रा नीती का प्रयोग करना पड़ता था | कुछ दस महत्वपूर्ण ट्रिक्स में से एक थी मिस फील्डिंग की एक्टिंग करो (नेचुरल एक्टिंग होनी चाहिये ) जैसे ही रन काटने लगे .. एक कुशल निशानेबाज की तरह विकेट उड़ा दो ... मैं अक्सर इसके लिए मिस फील्डिंग का अभ्यास करता था :))

    म्यूजिक एवरेज लगा ... पोस्ट सिम्पली ग्रेट ...... थेंक्स फॉर डाउनलोड लिंक्स

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  4. और हाँ ....

    @मित्र प्रवीण
    मुझे क्रिकेट में इंटरेस्ट ना सही पर आपकी स्पिरिट देख कर बहुत अच्छा लगा

    @अंशुमाला जी
    इस विषय पर आपके कमेन्ट पढ़ कर भी आनन्द आ रहा है

    चर्चा जारी रखिये मित्रों ...

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  5. क्रिकेट को अब हम भी 'सिर्फ' खेल मानने लगे हैं. बहरहाल, बढि़या कर्टेन रेजर (क्‍या कहें- परदा उठाया आपने)

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  6. मेरी शुभकामनायें , भारतीय क्रिकेट टीम के साथ हैं ।

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  7. बधाई जी! अब ए.बी.सी.डी. राजा बैकबर्नर पर!

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