रविवार, 6 फ़रवरी 2011

क्यों इस लड़ाई को हार रही हैं भारतीय महिलायें... आखिर क्यों ???

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मेरे ' खाते-पीते ' मित्रों,

खास आपके लिये एक खासमखास खबर है एक दम ताजा ...

वह यह कि भारतीय महिलायें हार रही हैं इस महान युद्ध में ... विश्वास नहीं आता तो खुद दिये लिंक को चटकायें और पढ़ लें...

अब ऐसा हो रहा है यह तो बिल्कुल पक्का है...

हार्वर्ड व इम्पीरियल कॉलेज, लंदन की यह स्टडी गलत तो नहीं ही कहेगी... पर क्या यह सब ऐसा होने के पीछे कुछ आर्थिक, सामाजिक, समाजशास्त्रीय, पारिवारिक, नारीअधिकारवादी, व्यवहारशास्त्रीय, चिकित्सकीय, हॉरमोनल, ज्योतिषिय, वास्तुशास्त्रीय, फेंग-शुयीय, रत्न शास्त्रीय, भूमंडलीकरण आदि आदि वजहें हैं...

या मेरा यह सोचना ही सही है कि आज का भारतीय पुरूष अब अपने जीवन में आने वाली स्त्रियों के प्रति भारतीय इतिहास के किसी भी अन्य दौर के बजाय ज्यादा संवेदन शील है...
( आदरणीय अरविन्द मिश्र जी भले ही विपरीत बात कहें )...

सच कहूँ तो अपने जीवन में आने वाली स्त्रियों को लाड़-दुलार कर, पैम्पर कर व इसी प्रक्रिया में जाने अनजाने जबरिया ज्यादा व 'रिच' खिलाकर इस लड़ाई में हरवा रहा है भारतीय पुरूष... मैं भी... कहीं रेस्त्राँ में जाते हैं तो मेरा आर्डर होता है केवल 'ब्लैक टी' अपने लिये तथा रेस्त्राँ स्पेशल पिज्जा, कोक व आईसक्रीम बिटिया व पत्नी के लिये... चॉकलेट मैं कभी नहीं खाता पर महिलाओं को देने के लिये रहती हमेशा हैं मेरी कार में...

यदि आप स्वयं एक पुरूष हैं...

तो सोचिये कहीं आप भी तो ऐसा ही नहीं करते...

और यदि आप स्वयं एक महिला हो...

तो क्या बताने की जरूरत है मुझे ?

कि क्या करना है अगली बार... ;))


हा हा हा हा...





...
डिस्क्लेमर : यह पोस्ट एक निर्मल हास्य है व इसे उसी तरह लिया भी जाये !

चित्र साभार :गूगल चित्र

11 टिप्‍पणियां:

  1. अब सभी ब्लागों का लेखा जोखा BLOG WORLD.COM पर आरम्भ हो
    चुका है । यदि आपका ब्लाग अभी तक नही जुङा । तो कृपया ब्लाग एड्रेस
    या URL और ब्लाग का नाम कमेट में पोस्ट करें ।
    http://blogworld-rajeev.blogspot.com
    SEARCHOFTRUTH-RAJEEV.blogspot.com

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  2. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (7/2/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  3. प्रवीण जी निसाखातिर (निश्चिंत ) रहिये मुझे तो निजी तौर पर किसी से कोई चुनौती नहीं है .....
    बाकी आप लोगों का तो आप लोग ही जाने !

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  4. रिच डाइट के मामले में रेस्तरां में पुरुष की पहल घर में स्त्री की पहल से कट जाती है !

    कारण कुछ और ही होने चाहिए :)

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  5. कितना ध्‍यान रखते हैं आप महिलाओं..., दूसरों का.

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  6. बहुत अच्छी बात की ओर ध्यान आकर्षण ...

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  7. ये किसकी साजिश है , कहीं विदेशी शक्तियां तो शामिल नहीं है ...

    चौकलेट मैं नहीं खाता मगर महिलाओं को देने के लिए हमेशा रहती है कार में ...ह्म्म्म ...

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  8. आजकल शारीरिक श्रम कम हो गया है और कम्‍प्‍यूटर जैसे कार्यों के कारण सीटिंग बढ़ गयी है इसलिए महिलाओं में परिवर्तन दिखायी दे रहा है।

    उत्तर देंहटाएं

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