सोमवार, 20 दिसंबर 2010

हिट जायेगी या पिट जायेगी... अब यह तो आप ही डिसाइड करोगे न माईबाप ?


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मेरे 'पाठक-माईबाप' मित्रों,

इन्सान जब खुद को कमजोर पाता है तो क्या-क्या नहीं करने को मजबूर हो जाता... अपने एक मित्र हैं, उमर में थोड़ा ज्यादा हैं पर कुछ बातों में मैंने पाया है कि उनकी सोच कुछ-कुछ मुझ से ही मिलती है... अब आजकल अपने यह मित्र कुछ परेशान से हैं... वजह है उनकी बड़ी बिटिया, २९ वर्ष की हो जाने के बाद भी विवाह नहीं हो पा रहा उसका... अब किसी ने सुझाया कि पास के शहर में एक नामी ज्योतिषी हैं जो उपाय सुझा सकते हैं... तो जनाब ने मन बनाया मिलने जाने का और मेरे बार-बार मना करने के बाद भी मुझे मजबूर कर ही दिया साथ जाने को...

तो साहब, केवल और केवल इसी शर्त पर मैंने जाना मंजूर किया कि मैं वहाँ जाकर अपनी ओर से कुछ बोलूँगा नहीं... रविवार के दिन सुबह-सुबह हम निकले और ग्यारह बजे पहुंच गये ज्योतिषी महोदय के आवास पर... परिचय आदि हुआ, उन्होंने बताया कि वे चार साल पहले ही शिक्षा विभाग के एक बड़े पद से सेवानिवृत्त हुऐ हैं और ज्योतिष विद्मा महज उनका शौक है, जन सेवा के लिये वह यह कार्य करते हैं तथा वे परामर्श का कोई शुल्क नहीं लेते आदि...

इसके बाद ज्योतिषी महोदय ने मित्र से उनका जन्म स्थान, तिथि व समय पूछा, इसे एक कागज पर लिखा तथा बड़े जतन से रेशमी कपड़े में सहेज कर रखा गया एक ग्रन्थ खोला... उनके साथ बैठे एक व्यक्ति ने बताया कि यह ग्रन्थ अत्यंत दुर्लभ है और ज्योतिषी महोदय को उनके गुरू द्वारा आशीर्वाद के रूप में दिया गया है...

मेरे मित्र ने कुछ कहने का प्रयत्न किया तो उनको इशारे से चुप करा दिया गया... ज्योतिषी महोदय ने ग्रन्थ से कुछ उस कागज पर उतारा, गणनायें की, फिर बोले...कुछ बातें बताता हूँ ध्यान से सुनिये...

*१- आपकी राशि पर ग्रहों के प्रभाव के कारण आपके काम रूके हुऐ हैं, अकसर रूकावटें आती हैं।
*२- आपने काफी ऊँची जगह पहुँचना था परंतु स्थितियाँ कुछ ऐसी रही कि आप वहाँ तक नहीं पहुँच पाये जहाँ आप पहुंच सकते थे।
*३- आपकी आमदनी अच्छी-खासी है परंतु खर्चे भी आमदनी के अनुपात में ज्यादा ही रहते हैं, इसलिये हाथ तंग रहता है।
*४- अपने मन से तो आप सभी का भला ही चाहते हैं परंतु कभी-कभी आपके परिचित आपके आशय को समझ नहीं पाते व बुरा मान जाते हैं।
*५- निकट भविष्य में ही आपका एक एक्सीडेंट होने व दिल की बीमारी (हार्ट अटैक) होने की संभावना है, यह सब आपकी कुंडली में लिखा है, इसी लिये मैं आपको सचेत कर रहा हूँ।

इतना सुनना था कि हमारे मित्र भयभीत और 'महा-इम्प्रेस' हो गये... लगे उपाय पूछने... उपाय बताया गया बाँये हाथ की मध्यमा ऊंगली में 'गोमेद' धारण करने का व दाहिने हाथ की अनामिका में 'मूंगा' धारण करने का... यह दोनों रत्न ग्रहों के दुष्प्रभाव को हल्का या समाप्त करने की क्षमता रखते हैं, बताया गया... इन दोनो रत्नों की अंगूठियों की कीमत व उन को मंत्रासिक्त कर पहनने काबिल बनाने का 'खर्चा' मात्र २००० रू० बताया गया... मित्र ने तुरंत भुगतान कर दिया... बताया गया कि दो दिन बाद आदमी भेज कर अंगूठियाँ मंगवा लें...

हम लोग उठने को ही थे कि अचानक मित्र को याद आया कि मैं यहाँ आया किस काम से था... उन्होंने बिटिया का विवाह न हो पाने के बारे में बताया... ज्योतिषी महाराज ने फिर कुछ गणनायें की और कहा या तो अगले तीन-चार महीने में विवाह हो जायेगा या फिर एक वर्ष तक और इंतजार करना होगा... बिटिया को भी लेकर दोबारा परामर्श के लिये आने को कहा गया...

इस सारे समय मैं सप्रयास चुप ही रहा...उठते समय ज्योतिषी जी ने मेरे बारे में पूछा तो मैंने बताया कि मैं ब्लॉग लिखता हूँ और आज के अनुभव के बारे में पोस्ट डालूँगा...मजाक-मजाक में ही मैंने यह पूछ कि पोस्ट 'हिट जायेगी या पिट जायेगी?'...उन्होंने जो बताया वह मैं बताउंगा पोस्ट के अंत में...

अब मेरे नजरिये से इस वाकिये को देखिये... ज्योतिषी जी ने जो बताया उनमें से...

*१- " आपकी राशि पर ग्रहों के प्रभाव के कारण आपके काम रूके हुऐ हैं, अकसर रूकावटें आती हैं। "...

यह हर उस आदमी पर लागू होती है जो ज्योतिषियों के पास जाता है, यही तो वजह है जिसके कारण वह परामर्श चाहता है।

*२- " आपने काफी ऊँची जगह पहुँचना था परंतु स्थितियाँ कुछ ऐसी रही कि आप वहाँ तक नहीं पहुँच पाये जहाँ आप पहुंच सकते थे। "...

यह भी लगभग सभी पर लागू होती है अपनी वर्तमान स्थिति से सर्वदा संतुष्ट बहुत कम लोग होंगे और जो हैं उनकी ज्योतिषियों के पास जाने की संभावना शून्य है।

*३- " आपकी आमदनी अच्छी-खासी है परंतु खर्चे भी आमदनी के अनुपात में ज्यादा ही रहते हैं, इसलिये हाथ तंग रहता है। "...

यह बात चाहे गली के मुहाने पर खड़े भिखारी से कही जाये या किसी 'धनकुबेर' से... सिर उसका हाँ कहते हुऐ ही हिलेगा।

*४- " अपने मन से तो आप सभी का भला ही चाहते हैं परंतु कभी-कभी आपके परिचित आपके आशय को समझ नहीं पाते व बुरा मान जाते हैं। "...

आर्डिनरी मोर्टल्स की तो बिसात ही क्या... यह बात चाहे आप राम से कहो या रावण से दोनों सहमति दिखायेंगे।

*५- " निकट भविष्य में ही आपका एक एक्सीडेंट होने व दिल की बीमारी (हार्ट अटैक) होने की संभावना है, यह सब आपकी कुंडली में लिखा है, इसी लिये मैं आपको सचेत कर रहा हूँ। "...

अब यह दोनों चीजें वाकई हो गई तो आप सच्चे... और यदि न हुई तो रत्न प्रभाव!


तो यह था हमारे ज्योतिष से साक्षात्कार का वर्णन, अरे हाँ मैं यह तो बताना भूल ही गया कि मेरे सवाल 'पोस्ट हिट जायेगी या पिट जायेगी?' का जवाब उन्होंने दिया था कि यह निर्णय तो पाठक ही करेगा...

यह तो मानना होगा सबको कि यहाँ पर ज्योतिषी महाराज एकदम सही हैं।

इसी लिये माईबाप अब आप ही मेरे माईबाप हो!

आपका हर निर्णय सिर-माथे...


पर निर्णय तो देंगे न ?




आभार!





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अपडेट:- दो दिन बाद अंगूठियाँ आ गई थी, मित्र को पहले कभी किसी ने अंगूठी पहनते नहीं देखा था, हर कोई अंगूठियों के बारे में पूछने लगा, कुछ 'जानकारों' ने बताया कि दोनों की वास्तविक कीमत हजार-बारह सौ से ज्यादा नहीं है, मित्र काफी कंजूस हैं, व्यथित हुऐ। एक 'जानकार' ने गोमेद को सूर्य की रोशनी में देखा और बताया कि इसमें एक हल्का सा 'क्रैक' है, उनके अनुसार रत्न में यह दरार तब आती है जब आपदा टल जाये। अब मित्र और परेशान, उन्हें समझ नहीं आया कि उनकी आपदा टली या किसी और की आपदा झेला हुआ रत्न उनको पहना दिया गया है, बीच में एक रोज बीपी की दवाई खाना भूल गये,रात भर नींद नहीं आई, घुटन सी होने लगी, उन्हें रत्न जिम्मेदार लगे, उतार फेंके। अगले दिन मिले, प्रसन्न थे, बोले "अब उतार कर ज्यादा आराम महसूस कर रहा हूँ।" आजकल फिर छुट्टी लेकर वर देखने गये हैं बिटिया के लिये।





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18 टिप्‍पणियां:

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  2. महाज्योतिषी महराज ,
    दंडवत प्रणाम !
    पोस्ट हिट जायेगी और पोस्ट लेखक भी !

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  3. आपके मुताबिक़ हिट या पिट का तो पता नहीं पर लगता ये है कि आपकी ये पोस्ट कुछ अलग तरह से 'हिट' की जायेगी !

    ज्योतिष कर्म में रत्नों का व्यावसायिक महत्त्व तो है ही देखिये ना ज्योतिषाचार्य जी को धन लाभ हुआ कि नहीं :)

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  4. पता नहीं करमचंद जासूसों का सीधे साधे ज्योतिषी के यहाँ क्या काम ! फिर भी सत्संग करके आये हो आज टिप्पणिया अच्छी आएँगी ...
    चिंता नहीं करना ...

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  5. ये टिप्पणी मैंने आप की ही एक पोस्ट पर की थी |

    एक बार तीन युवक जो आई ए एस की परीक्षा देने वाले थे तो एक बाबा के पास गये बोला की बताये बाबा हमारा क्या होगा बाबा ने तीनो को अपनी एक उँगली दिखाई और कहा जाओ जब तीनो चले गये तो चेले ने पूछा की बाबा इसका क्या मतलब है तो बाबाने कहा की बेटा यदि तीनो पास हुए या तीनो फेल हुए तो कहूँगा की मैंने तो पहले ही एक उँगली उठा कर कहा था की तुम तीनो एक समान हो यदि उनमे से कोई एक फेल हुआ तो कहूँगा की मैंने तो पहले ही एक उँगली उठा कर कहा था की तुम में से कोई एक फेल हो जायेगा और यदि कोई एक पास हुआ तो भी वही बात | ...........जारी

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  6. आप ने बिल्कुल सही कहा सारे पंडित ज्योतषी ऐसे ही बात करते है | या तो वो बाते कहेंगे जो सभी पर लागु हो या कुछ ऐसा जिसका अर्थ परिणाम के साथ खुद बना सके | लेकिन क्या करे कभी कभी समझदार इन्सान जब अपनी समस्याओ से उबर नहीं पता है तो वो इन सभी चक्करों में पड़ जाता है लेकिन एक बार इनके फेल होते ही या खुद बी खुद इन समस्याओ से उबरने के बाद कभी इन चक्करों में दुबारा नहीं पड़ता है | और जो मन से इन पर विश्वास करते है वो हर बार धोखा खाने के बाद भी नहीं मानेगे |

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  7. और हा जहा तक पोस्ट के हिट होने की बात है तो वो तो उस पर निर्भर है की आप किसको हिट मानते है ज्यादा पढ़े जाने को या ज्यादा टिप्पणियों कोया कुछ और |

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  8. ज्योतिष सूक्ष्म गणनाओं का विज्ञान है , भले ही मनोवैज्ञानिक कारण हों , पर इन रत्नों को सही विधि से धारण करने वालों के स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन देखा है ...
    वहीँ खुद अंगूठियाँ बांटने वालों का जीवन अधरझूल में भी देखा है ...
    इसलिए ये भी दिल और दिमाग के बीच की रस्साकसी का मामला है ..
    फिर भी ...मैं अन्धविश्वासी होकर इनका अनुसरण करने के पक्ष में नहीं हूँ ...!

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  9. ज्‍योतिष की गणना में कितना दम होता है पता नहीं, लेकिन कमाल तो उसकी भाषा और व्‍याकरण दिखाता है.

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  10. हिट ही जायेगी। ऐसी भविष्यवाणी सब पर फिट बैठती है।

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  11. अब उतार कर ज्यादा आराम महसूस कर रहा हूँ।

    की तर्ज पर

    पढ़ कर ज्यादा अच्छा महसूस कर रहा हूँ। :)

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  12. पाठक बहुधा टिप्पणी से नहीं स्टैटकाउण्टर के आंकड़े से बोलता है। आप तो वह देखें। अन्यथा, आप ज्योतिष के पक्ष में लिखते तो वाह वाह होनी थी। प्रतिपक्ष में तो भी वाह वाह।
    यह टिपेरतंत्र बहुधा पाठक का मन नहीं दिखाता।

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  13. हिट ही है . समय व मुहर्त उच्च मे था

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  14. आजकल सबसे अच्छी दुकानदारी ज्योतिषियों की ही चल रही है।

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  15. ज्योतिषों का काम ज्यादा अच्छा चल रहा है...और जब कहीं इनसान फंसता है तो सब पर विश्वास कर लेता है...अच्छी पोस्ट

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  16. ये सभी फार्मूले तो मैने भी सोच रखे थे। सोचा था बेकार हुआ तो यही धंधा चलाउंगा। इतने कॉमन हैं ! क्या खाक चलेगी मेरी दुकान ! अब कुछ नया सोचना पड़ेगा।
    ...पोस्ट हिट है, भले पाठक कमेंट कम करें।

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  17. पोस्ट चाहे हिट न हो और चाहे उस पर एक ही कमेँट आए या पढ़ने वाले भी दो चार ही आएं लेकिन जो विचार आप उसे दें वे सत्य हों और उसके लिए लाभकारी हों यह जरूरी है।

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