शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010

यह एक ' आमतौर पर ईमानदार समाज ' की कुछ ' काली भेड़ों ' का ' नैतिक पतन ' नहीं है... यह सबूत है एक पूरे निजाम, एक पूरी व्यवस्था के सड़ जाने का... बिना किसी अपवाद के... क्या सर्जरी के लिये तैयार हैं हमलोग ?

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मेरे ' सफेद भेड़ ' मित्रों,


यह एक ' आमतौर पर ईमानदार समाज ' की महज कुछ ' काली भेड़ों ' का ' नैतिक पतन ' नहीं है... यह सबूत है एक पूरे निजाम, एक पूरी व्यवस्था के सड़-गल जाने का...बिना किसी अपवाद के...


एक समाज के तौर पर हम अब पतन का शिकार नहीं हो रहे, बल्कि अब हम सारे के सारे ही सड़ने लगे हैं...



क्या सर्जरी के लिये इच्छुक और तैयार हैं हमलोग ?



सोचिये, फिर बताइये...







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वैसे विश्व आज भ्रष्टाचार-विरोध-दिवस भी मना रहा है!







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22 टिप्‍पणियां:

  1. क्या सर्जरी के लिये इच्छुक और तैयार हैं हमलोग .

    praveen

    we need to rise up and bring as much filth in open as much we can . every small effort does make a difference its just that we all want to live in a room where there are no mirrors or where the mirrors reflect just that what we want to see

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  3. praveen
    in case you want to keep the heading lengthy then please reduce the font size of the heading . it will look better
    just a suggestion nothing more

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    रचना जी,

    कर दिया है, पोस्ट अब बेहतर भी लग रही है।

    आभार आपका!


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  5. आज आवश्यकता है चलते चलते भी चैतन्य रहें इन चोरों से ...हर इंसान को इन चोरों के बारे में, कुछ न कुछ पता रहता है उसे आम आदमी को बताना आवश्यक है ! शिक्षा और जागरूकता बेहद आवश्यक है !

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  6. @ प्रवीण शाह ,
    @ पोस्ट अब बेहतर भी लग रही है।
    क्रीम पावडर लगाने की जरूरत हो गयी आपको प्रवीण शाह ??? ...लगता है बुढ़ाते जा रहे हो

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  7. आपकी लिखी साधारण लाइन देख कर भी, खिचे आ जाते हैं लोग प्रवीण भाई !

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  8. अभिजात्य वर्ग के लिए "पवित्र गाये " संबोधन सुना था शायद ये" सफ़ेद भेड़ " का संबोधन आम आदमी के लिए है | तो ये आम आदमी आप को बता देता है की वो अपनी इच्छा से तो कोई सर्जरी नहीं कराने वाला है | सुना था एक बार की लोगों की एक सर्जरी भी जबरजस्ती पकड पकड़ कर की गई थी नेता जी की इच्छा से जनसँख्या रोकने के लिए भ्रष्टाचार रोकने के लिए भी वही करना पड़ेगा|

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  9. मैं सोचता था कि लिबरजाइजेशन अर्थव्यवस्था को करप्शन और क्राइम से उबारेगा?! :(

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  10. @satish saxena
    पोस्ट अब बेहतर भी लग रही है।
    क्रीम पावडर लगाने की जरूरत हो गयी आपको प्रवीण शाह ??? ...लगता है बुढ़ाते जा रहे हो

    "बेहतर"शब्द सुंदरता के सन्दर्भ मे नहीं प्रयोग होता हैं । बेहतर एक तुलनात्मक शब्द हैं जिस का अर्थ हैं जैसा पहले था उससे अच्छा । कहीं पढ़ा था "सीरत के हम गुलाम हैं सूरत हुई तो क्या हुआ " क्रीम पावडर लगा कर सुंदर दिखा जा सकता हैं बेहतर नहीं बाकी प्रवीण जवाब आप को देगे नहीं क्युकी वो आप का सम्मान करते हैं ।!!!!

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  11. @ रचना ,
    प्रवीण जवाब नहीं देंगे क्योंकि वे इस हलके व्यंग्य के पीछे छिपे मंतव्य को समझ चुके हैं ! प्रवीण की पोस्ट अगर बिना शीर्षक के भी आये तब भी उसका अपना महत्व है ! जहाँ तक आपका कहना था वह उस सन्दर्भ में ठीक ही था जिसके तुमने इन्हें संबोधित किया था !
    सादर

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  12. सर्जरी के लिये हम तो तैयार हैं लेकिन पहले "जाति" वाले तैयार हो जायें, फ़िर "धर्म" वाले तैयार हो जायें, फ़िर "साम्प्रदायिक" को तैयार करना है, उसके बाद "मैकाले" की संतानों को भी तैयार करेंगे… जब सब तैयार हो जायेंगे… तब अवश्य सर्जरी करेंगे… :) :)

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  13. सफेद भेंड़ सर्जरी से डरते हैं। होमियोपैथी की मीठी गोली चाहते हैं।

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  14. क्या सर्जरी के लिये इच्छुक और तैयार हैं हमलोग?
    शायद नहीं क्यों की इसमें तकलीफ हुआ करती है? और अगर अधिक लोग तैयार हो जाएं तो समाज की शक्ल बदल जाए..

    मुंबई लोकल ट्रेन मैं देखें इंसानों के कई चेहरे एक साथ [18
    जलेबी अगर ये समझे कि उससे ज़्यादा सीधा और कोई नहीं, तो समझती रहे

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  15. मरीज तैयार भी हो जाए तो सर्जन कहां से लाओगे ?
    सिस्टम क्या बताओगे ?

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  16. सर्जरी तभी हो सकती है जब देश मे सोफ़्ट डिक्टेटरशिप हो

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  17. सर्जरी तभी हो सकती है जब देश मे सोफ़्ट डिक्टेटरशिप हो

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  18. ये भी हमारा द्वैध है कि हम पक्षकार होके भी विपक्ष में होने का दिखावा कर पाते हैं :)

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