रविवार, 14 नवंबर 2010

धन्यवाद योगॠषि स्वामी रामदेव जी... पतंजलि आयुर्वेद के यह उत्पाद वाकई उत्कृष्ट हैं... परंतु ..........




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मेरे 'गुण ग्राही' मित्रों,

परम आदरणीय योगॠषि स्वामी रामदेव जी से आप असहमत तो हो सकते हैं परंतु उनके कथनों व योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है...

योगऋषि आजकल संपूर्ण भारत की 'भारत स्वाभिमान' यात्रा पर हैं... मेरे शहर में कुछ माह पहले जब वह आये तो उनके द्वारा बताये जाने पर शहर के पतंजलि सेवा केंद्र में जाकर मैं भी कुछ उत्पाद ले आया था...

उत्पाद थे...


*** दन्त कान्ति डेन्टल क्रीम (टूथ पेस्ट)

*** केश कान्ति हेयर क्लीन्जर (शैम्पू)

*** ओजस बॉडी क्लीन्जर (पारदर्शी साबुन)

*** तेजस बॉडी लोशन (माईश्चराइजिंग क्रीम)



यह सभी उत्पाद पतंजलि आयुर्वेद द्वारा बनाये गये हैं, पैकिंग बाजार में उपलब्ध अन्य किसी भी कंपनी के उत्पाद के समकक्ष है, कीमत वाजिब है और सबसे बढ़कर बात यह है कि व्यक्तिगत रूप से मुझे इन्हें प्रयोग करने का अनुभव इतना अच्छा रहा है कि मैं भविष्य में भी इनको प्रयोग करते रहना चाहता हूँ...

आप को कभी मौका लगे तो आजमाईये जरूर...


परंतु दो बाते हैं जो अपने ब्लॉग में लिखना जरूर चाहता हूँ,


हो सकता है कि यह बातें वहाँ तक पहुँच ही जायें जहाँ तक मैं इनको पहुंचाना चाहता हूँ...


१- सेवा केन्द्र में ढूंढने पर भी मुझे कोई शेविंग क्रीम नहीं मिली... बताया गया कि या तो नारियल तेल या एलोवेरा जेल चेहरे पर लगा कर शेव करें... पर दोनों ही तरीके प्रैक्टिकल नहीं हैं... शेविंग क्रीम भी जल्द से जल्द आनी चाहिये!


२- पतंजलि आयुर्वेद को भी जल्दी से जल्दी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होना चाहिये... IPO लाना चाहिये व भारत के हर आदमी को इसके शेयर खरीदने व इस उद्मम की प्रगति में भागीदार/साझीदार होने का अवसर देना चाहिये... अन्य उद्ममों की तरह यह भी अपने वित्तीय नतीजे सार्वजनिक करे... अपनी अल्प आय से वैसे तो मैंने आज तक कोई शेयर नहीं खरीदा, परंतु यदि पतंजलि आयुर्वेद का शेयर खरीदने का मौका मिले तो यह अवसर मैं गंवाऊंगा नहीं!



सुन रहा है क्या, कहीं, कोई ?





आभार!






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11 टिप्‍पणियां:


  1. कहाँ फंसा दिया यार सुबह सुबह ..

    बाबा रामदेव का मैं प्रसंशक हूँ कि भारतीय प्राणायाम और योग को उन्होंने अपनी प्रभावशाली सरल भाषा में टेलीविजन की मदद से आम आदमी तक पंहुचा दिया !

    इनसे बड़े और अच्छे योगी इस देश में उपलब्द्ध हैं मगर वे टेलीविजन की मदद से उसे आम जन तक पंहुचने में नाकामयाब रहे या उन्हें टेलीविजन ने कोई महत्व नहीं दिया !

    मैं उनका और टीवी का वाकई शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने मुझे प्राणायाम सरल भाषा में योग समझाने में मदद की ...इस कारण मैं उनका ऋणी हूँ और उन्हें धन्यवाद देता हूँ !

    मगर जो आयुर्वेद लगभग नाकारा होती जा रही थी वही अब बाबा के कारण दिव्यशक्ति को प्राप्त कर चुकी है और सारे इलाज़ करने में समर्थ लगने लगी है !

    मगर तमाम सरकारी मदद और बेपनाह तारीफों के बावजूद उनके प्रोडक्ट, आयुर्वेद की अन्य कंपनियों के मुकाबले काफी मंहगे हैं !

    मगर उनके द्वारा समझाई बातों पर हुए भरोसे के कारण उनके प्रोडक्ट खरीदना हमारी मजबूरी है !

    सुना है बाबा देश के बड़े उद्योग पति बन रहे हैं ....

    सुना है बाबा कोई पार्टी बना चुके हैं और राजनीति में शीघ्र प्रवेश कर रहे हैं....

    ......... सुना है प्रसिद्धि सर चढ़ कर बोलती है !

    और उसपर मगर हमारे देश की भीड़ चाल और हम अनपढ़ों की बेबसी ....

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    1. satish jee, pata nahi aapko yah vichar kahan se aaya! mera maana hai ki baba sirf desh ki liye shochte hain jo kabhi guru chankya ne socha tha. ye baat kuch dhananand jaise logo ko hajam nahi nahi ho rahi hai to baba kya kar sakte hai. vaise patanjali ke saare utpaad aur davaiyan mai kaafi dino se prayog kar raha hoon. saare utpad atulniya aur saste hain. apne bachho ko antibiotics ke dushprabhav se bachane ka ek matra upay patanjali ayurved ki aushadhi hai. baaki aap ki marji. dhanyavad.........

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  2. अरे ! जो मैं कहना चाहता था वो सतीश जी ने कह दिया. सतीश साहब मेरे मन की बातें आप तक कैसे पहुंची. शाह जी अब आप सतीश जी के विचारों पर दो की घात लगा दीजिये.

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  3. "...कीमत वाजिब है और सबसे बढ़कर बात यह है कि व्यक्तिगत रूप से मुझे इन्हें प्रयोग करने का अनुभव इतना अच्छा रहा है कि मैं भविष्य में भी इनको प्रयोग करते रहना चाहता हूँ..."

    लगता है सक्सेना जी तो आपसे असहमत हैं…

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  4. @ सुरेश भाई ,
    मैं प्रवीण भाई से असहमत नहीं हूँ ...और यकीन मानिए बाबा को सम्मान भी देता हूँ ! मगर प्रसिद्धि के साथ की कुछ समस्याएं होती ही हैं जो नज़र आने लगी हैं ! आपका ध्यान इस विषय पर जरूर चाहूँगा !
    शुभकामनायें

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    @ आदरणीय सतीश सक्सेना जी,

    "मगर तमाम सरकारी मदद और बेपनाह तारीफों के बावजूद उनके प्रोडक्ट, आयुर्वेद की अन्य कंपनियों के मुकाबले काफी मंहगे हैं !

    सुना है बाबा देश के बड़े उद्योग पति बन रहे हैं ....

    ......... सुना है प्रसिद्धि सर चढ़ कर बोलती है !"


    आभार आपका, यकीन जानिये इसी तरह की बातें बहुतों से सुन चुका हूँ मैं... अब क्योंकि योगॠषि स्वयं सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी व जवाबदेही के सबसे मुखर पैरोकार हैं, इसीलिये मैंने यह माँग की है कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड भी जनता की सहभागिता वाली कंपनी बने, प्रोफेशनली चले, वित्तीय नतीजे घोषित करे व एक दिन इस जन-सहयोग से लीवर-गैम्बल आदि-आदि को पछाड़ दे... मेरे विचार में आदरणीय सुरेश जी भी सहमत होंगे इस बात से!


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  6. आप आलिव आयल से सेव करिए ..फिर बताईये ..वे सही कह रहे हैं !

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    @ आदरणीय अरविन्द मिश्र जी,

    अब आप कह रहे हैं तो आजमाता हूँ... हालांकि मुझे उम्मीद नहीं है... नारियल तेल के प्रयोग का अनुभव बहुत खराब रहा है!


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  8. हा ये बात तो सच है की जो बाबा रामदेव जी जो शुरू में थे वो पहली बार अमेरिका से लौटने के बाद नहीं रहे प्रसिद्धि का थोडा असर तो दिख रहा है पर उससे उनके उत्पाद पर क्या फर्क पड़ता है यदि वो अच्छे है तो ठीक है | कभी प्रयोग नहीं किया है मिला तो एक बार जरुर पर्योग करके देखूंगी |

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  9. shree maan ji jo in proucts ko saste batete hain vah log madhyaam varg se nahi honge ya fir unhe paise ki adhikta hai, kyun ki koi bhee gareeb parivaar in products ko nahi khreed sakta. kyunki unke liye Rs.20/- with fee and dava wale Dr. hi bhagwaan smaan hain. Raamdev Ji Ko Mahangaayee Ya Logon Ki Halaat Ka Kya Pata Chalega. Jo Kabhee Gareebon ki taraf dekhta tak nahi.
    Maaf Karen Kintu Yah Sattya Hai, Saari Davaiyan Bahut Hi Manghi Hain, Jinhe Khareedna To Door Inke Store Main Ghushne Tak Ki Himmat Bhee Aaam aadmi nahi Kar Paata.
    Khair Inka DHANDA bhee Kaafi Changa Chal Raha Hai.
    JAI HIND VANDE MAATRAM.
    Kardo Saari Duniya Ka Khaatmarambh.

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