सोमवार, 30 अगस्त 2010

जलन,जलना,जला देना और जलजले का आना !!! : ब्लॉगवुड गॉसिप




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मेरे ब्लॉगवुड-स्टार मित्रों,

कल छुट्टी के दिन इतना कुछ घट गया...जबकि आप में से कुछ मौजूद तक नहीं थे...किनारे पर खड़ा मैं देखता रहा यह सब...आज मुझे फर्ज सा लगा कि आप तक भी यह हलचल पहुंचें...



*** कल जन्मदिन था डॉ० अमर कुमार का... एक शानदार पोस्ट भी लिखी उनके बारे में तरूण जी ने... फिर ऐसा क्या हो गया... कि

सतीश सक्सेना जी को कहना पड़ा...

@ डॉ अमर कुमार
बड़े खतरनाक आदमी हो यार !


और डॉ० अमर कुमार कहे...

सॉरी, ड्राफ़्ट किया ही था.. यह पोस्ट कैसे हो गयी ?
क्षमा करें, मैं अपनी टिप्पणियाँ हटाया नहीं करता !
फिर.. यह तो मेरी ऎतिहासिक अँतिम टिप्पणी है ।





*** इधर भी देखिये कैसे 'अंतिम प्रणाम ने व्यथित किया उनको...और मामला निबटने की बजाय बढ़ता सा लग रहा है।




*** कुछ गाली-शाली देने की इच्छा हो, तो जाईये यहाँ पर दे आइये किसी को भी भद्दी से भद्दी गाली...सब छपेगा यहाँ पर... यह ब्लॉग एक संस्कृति चिंतक-नारी हित चिंतक, युवा तुर्क का बनाया बताया जाता है... बहरहाल थूकदान-पीकदान-कूड़ेदान का काम कर रहा है...इसकी कमी भी थी शायद...




*** अरे यह क्या इतना जबरदस्त गॉसिप पढ़वाया आपको और आप मेरी झोली में बिना कुछ डाले खिसक रहे हैं...

क्या आप भी चोर हैं ?...

अरे, मैं तो शरीफ समझता था आपको...

चलिये जाइये...
कोई बात नहीं टिप्पणी नहीं तो न सही...

आप अब भी शरीफ ही रहेंगे मेरी नजर में...





आभार!






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17 टिप्‍पणियां:

  1. क्या कहूँ?
    राम नाम मनि दीप धरु जीह देहरी द्वार।
    तुलसी भीतर बाहरों जौ चाहसि उजियार॥

    राम नाम का पारम्परिक अर्थ न लेकर, उन अच्छाइयों से लीजिए जिन्हें पूरा समाज मान देता है।

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  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  3. अब क्या कहे बस यही कहेगे
    इश्वर सत्य हैं
    सत्य ही शिव हैं
    शिव ही सुंदर हैं

    यहाँ ईश्वर का अर्थ भगवान् ना मान कर अच्छाई माने !!!!! वैसे आप कभी माने हैं जो अब मानेगे , comment gang war has been always there and will be there we all need to stop commenting in favour or against the blogger but we dont comments should be on the content but where is the content and those who wirte on content are too busy to comment else where .

    comment gang war happens on many blogs against some blogger and that irritates the blogger and then she/ he writes with vengence . people see the vengence but not why that vengence came in

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  4. मैं चोर नहीं भाई। टिप्पणी कर के जा रहा हूँ।

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  5. "मेरी टिपण्णी भी ले लो भाई, नहीं तो कोई मेरे बेटे के हाथ पर लिख देगा 'मेरा बाप बोर है'.

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  6. कुछ कहूंगा तो 'स्पून फीडिंग' मानी जायेगी ! इसलिए बिना चोर बने जा रहा हूँ ! ब्लागरी में तो अब बातें अ-प्रधान और चारित्रिक लांछन प्रधान से हो गए हैं ! बहुत कुछ देखने को बाकी है !

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  7. आप अब भी शरीफ ही रहेंगे मेरी नजर में...!

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  8. http://zealzen.blogspot.com/2010/08/blog-post_30.html

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  9. आज का दिन बहुत ख़राब है, कई अशोभनीय लेख और टिप्पणिया पढी ! टिप्पणी का मन नहीं कर रहा ...क्षमा चाहूँगा प्रवीण भाई

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  10. jnaab aapka lekhn he ya fir logon ke dil or dimaag pr chaa jaane ki jaadugiri bhut khub bdhaayi ho. akhtar khan akela kota rajsthan

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  11. प्रवीण जी ,इसे एक और ब्लॉग पोस्ट लिंक से अपेंड कर लें ....
    आपके अनुग्रह को याद रखूंगा ,कहीं बात को परिप्रेक्ष्य में रखने के लिए ...

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  12. हमारीवाणी और अपनीवाणी के मालिको का क्या हुआ? किसी ने तुम्हारी बात नहीं सुनी?

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  13. अन्दर की बात यह है की इसके मालिक शाह नवाज़, खुशदीप सहगल और तीसरा कोई मशहूर कार्टूनिस्ट है.

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  14. बड्डे बड्डे खेल हो गये, महागुरु फेल हो गये, घी दिखने वाले तेल हो गये
    आपको तेल की धार भी ना दिखी प्रवीण भाई, पूछते हो ऎसा क्या हो गया
    बैठे चोर गिनते रहो, पिछवाड़े भले ही आग लगे !
    you did made sense and still are wrong :)

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    @ डा० अमर कुमार,

    you did made sense and still are wrong :)

    आपका यह आकलन एकदम सही है सर, हमेशा की तरह...क्या किया जाये... मानव मन की थाह पा सका है कोई आज तक ?

    आभार!


    ...

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