बुधवार, 11 अगस्त 2010

ब्लॉगवुड पर क्या वाकई आतंकी हमला हुआ है... संकलकों के संचालकों से कुछ बातों के जवाब चाहिये!



.
.
.

मेरे ब्लॉगर मित्रों,

सबसे पहले मेरी स्वीकारोंक्ति... मैं कम्प्यूटर का प्रयोग तो करता हूँ पर इस के पीछे की तकनीक का अधिक ज्ञान नहीं है मुझे... केवल उतना ही जानता हूँ जितना एक सामान्य प्रयोक्ता को जानना चाहिये... इसलिये यदि आप में से किसी को मेरी पिछली पोस्ट पढ़ने के परिणामस्वरूप कोई असुविधा हुई है तो मैं तहे-दिल से क्षमाप्रार्थी हूँ।

आज जो कहना चाह रहा हूँ उसे समझने के लिये पहले मित्र कनिष्क कश्यप की यह पोस्ट पढ़िये...


वैसे तो इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह रहे हैं कनिष्क, परंतु सबसे मुख्य बातें जो कनिष्क ने कही हैं उनका सार यह है...



*** महत्वपूर्ण यह है कि, हमें यह ज्ञात होना चाहिये कि किसी भी संकलक के संचालन के पीछे किसका हाथ है। ब्लागवाणी को नकारने और गाली देने में जो लोग हमेशा आगे रहे , उन्हें भी यह बात समझ में आनी चाहिये। आम तौर पर हम ब्लागर्स को एक किसी भी साइट/संकलक पर जुड़ने से पुर्व उसके संचालक को लेकर आश्वस्त हो लेना चाहिये। किसी भी संकलक पर रजिस्टर करते वक्त यह ध्यान अवश्य रखें की आप उसी पासवर्ड का इस्तेमाल न करें जो आपके गुगल, पे-पाल अथवा अन्य महत्वपूर्ण खाते का है। इस बात की कोई गारंटी नही ली जा सकती कि वेब मास्टर आपका पासवर्ड देख कर आपके अन्य खातों पर हाथ न आजमा ले। फिर हमें उस साइट की प्राइवेसी पालेसी और गूगल ट्रस्ट को भी नापना होता है।

*** आइये अब इन दोनों नये संकलकों के माता पिता का पता लगाएं!





मैं आज-अभी अपनी इस पोस्ट के माध्यम से मांग करता हूँ कि दोनों नये संकलकों को चलाने वाले संचालक हम सभी ब्लॉगरों के सामने आयें व अपने नाम, पते, पहचान व संपर्क संबंधी जानकारी सारे ब्लॉगवुड के सामने जाहिर करें !



मैं गलत तो नहीं हूँ न ?




आभार!





...

44 टिप्‍पणियां:

  1. हम लोगों की मुफ़्त की चीज की तरफ़ भागने की प्रवृत्ति हमें यह मौका ही नहीं देती कि कुछ सोचें समझें। चलिये, ये भी एक सबक ही सही।

    उत्तर देंहटाएं
  2. bahut achhe !

    aapka javab nahi ! is pahal mein ham aapke saath hai, unhe sach mein saamne ana chahiye!

    उत्तर देंहटाएं
  3. पहले हमारीवानी के whois में निम्न नाम आता था
    Name: Shahnawaz Siddiqui
    Address: B-58, Street No. 18, Jitar Nagar,
    City: Delhi
    State: DELHI
    Postal Code: 110051
    Country: IN
    Phone: 22422392
    Fax: 0
    Email: sahiltrad@yahoo.com

    बाद में इसमें नाम छुपा कर Add Shoppe का नाम आने लगा, इसके अमेरिकी साथी हैं
    Mohammad Abdullah Khan & Aziza Sultana Khan
    SABA COMMUNICATIONS
    301 Dani Rose Lane
    Bakersfield, CA 93308 USA
    Tel : 1-661-393-3322
    Toll Free : 1-888-434-SABA
    Mobile : 1-661-3400-786

    उत्तर देंहटाएं
  4. इन संकलक संचालकों द्वारा अपनी पहचान उजागर न करना वाकई चिंताजनक है

    उत्तर देंहटाएं
  5. जब फ्री में सब अच्छा खासा चल रहा था..तब भी हमसे कहाँ बर्दाश्त था

    उत्तर देंहटाएं
  6. ये तो ओपन सीक्रेट है... हमारी वाणी चलाने वाला शहनवाज़ है और इसको चलाने की प्रेरणा इसको ज़ाकिर नाइक ने दी है क्योंकि उसके गुंडो को चिट्ठाकारी में ऐसा करे बिना वह जगह हासिल नहीं हो सकती जो वह चाहता है... जिन लोगों को पहले सारे ब्लागर ब्लागिंग से बाहर निकालना चाहते थे अब उनकी ही दया पर ब्लागिंग कर रहे हैं... कैसा लग रहा है?

    उत्तर देंहटाएं
  7. प्रवीण जी ,
    आपकी पिछली पोस्ट ? हम तो अपनी वाणी में भी पहुंच गये ! लाल झंडियां वहां से भी आ रही हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  8. .
    .
    .
    @ अली साहब,

    एक बार मांग चुका हूँ , पुन: क्षमाप्रार्थी हूँ , मित्र...


    ...

    उत्तर देंहटाएं
  9. नये संकलकों को चलाने वाले संचालक हम सभी ब्लॉगरों के सामने आयें व अपने नाम, पते, पहचान व संपर्क संबंधी जानकारी सारे ब्लॉगवुड के सामने जाहिर करें !

    आपकी मांग बिलकुल ठीक है ,यही मांग मैं भी करता हूँ

    उत्तर देंहटाएं
  10. सभी नए संकलकों जैसे हमारीवाणी, अपनीवाणी, इंडली वगैरा के संचालक अपना चेहरा छिपाए क्यों बैठे हैं? किसी के भी नाम घर का पता क्यों नहीं है?

    उत्तर देंहटाएं
  11. नाम पते तो बेनामी ने ज़ाहिर कर ही दिये… अब रहा सवाल मंसूबे का, वो भी उजागर ही हैं… :)

    उत्तर देंहटाएं
  12. जेहादी सूअर12 अगस्त 2010 को 11:29 am

    यह सारा खेल जाकीर नायक करवा रहा है, इसके गुर्गे लखनऊ में बैठकर हिन्दी ब्लागिग पर कब्जा करना चाहते हैं, कई लोगों ने पहले भी चेतावनी दी थी कि जिस ब्लाग पर कुरान-मोहम्मद-पैगम्बर जैसे शब्द दिखाई दें उसे तुरन्त बन्द करें और दोबारा उधर न जायें, लेकिन कुछ चूतियों को हिन्दू-मुस्लिम एकता का शौक चर्राया है जबकि कुछ मूर्ख हिन्दू उग्रवादी ब्लागर भी उधर जाकर सूअरों के मुँह लगते हैं।

    ब्लागवाणी बन्द करवाने में इन्हीं लोगों का हाथ है ताकि मैदान साफ़ हो जाये।

    उत्तर देंहटाएं
  13. चूतिया हिन्दू12 अगस्त 2010 को 11:58 am

    ऐसा नहीं कि सिर्फ़ जेहादी लोग इस गन्दे खेल में लगे हैं, कुछ हिन्दू ब्लागर भी हैं जो तकनीकी जानकार हैं और टिप्स देने के बहाने कोड बताते हैं और गेम बजा डालते हैं

    उत्तर देंहटाएं
  14. प्रिये ब्लोगरों ऐसा कुछ नहीं है जैसा आप लोग समझ रहें हैं और जो लोग आपको भड़का रहें है उनको खुद ही कुछ नहीं पता है! क्या आपको लगता है की गूगल को कोए इतनी आसानी से हैक कर सकता है जन्हा हजारों लोग हर समय इसी पर काम करतें है जो देवता है इन्टरनेट का ! ये कोइ आपका अकाउंट हैक करने का वायरस नहीं है यह मालवेअर होतें है जो वेबसाइट पर कुछ गलत पोस्ट जैसे कुछ कोड पेस्ट करने से आतें है यह साधारद जावा स्क्रिप्ट होती है जिसको गूगल या को वैरस पकड़ने वाला सॉफ्टवेर गलत समझता है ! और अप apnivani.com पूरी तरह सुरक्षित है हमारे टेस्ट में गूगल ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी है आपलोग निश्चिन्त रहिये !

    और रही बात हिन्दू मुस्लिम की तो आपलोग ब्लॉग लिखतें है या कोए जाती पाती की किताब लिखते हैं ऐसे भवना हमारे मन में नहीं होनी चाहिए

    हमारी १ टीम है जो apnivani.com पर काम करती है
    कुछ अच्छा करने के लिए सोंचा हमने इस हिंदी जगत के लिए अब जाकर लगा की कोए फायदा नहीं है कुछ करने का !

    धन्यवाद
    www.apnivani.com

    उत्तर देंहटाएं
  15. भाई अपनी वाणी जी,
    आपका स्पष्टीकरण कुछ अधूरा सा है, हम जैसे लोग जो तकनीकी रुप से अज्ञानी हैं, उन्हें कैसे पता चले कि फ़लाँ साइट सुरक्षित है। वो तो भला हो कनिष्क जी का जिन्होंने मुझे सूचित किया कि मेरे ब्लाग पर कोई वायरस है (और वह भी इसलिये पकड़ में आया क्योंकि मेरा ब्लाग ब्लागस्पाट पर नहीं है), वरना मुझे तो कभी पता ही नहीं चलता।

    इसलिये प्रवीण शाह जी और भाई महक की माँग सही है कि सभी ब्लॉग संकलक अपने नाम-पते-फ़ोन नम्बर और ईमेल सार्वजनिक करें ताकि पारदर्शिता बनी रहे…। बाकी का भण्डाफ़ोड़ कनिष्क ने कल कर ही दिया है, और आज भी एक बेनामी ने कुछ नाम उजागर किये हैं।

    उत्तर देंहटाएं
  16. हमारीवाणी.कॉम वाइरस तथा मालवेयर इन्फेक्शन से सुरक्षित है

    हमारीवाणी की ओर से परेशान मत होइए, क्योंकि हमारीवाणी की टीम इन्फेक्शन देखते ही समाप्त कर देती है. यह बात सही है कि किसी ने कई बार इन्फेक्शन भेजने की कोशिश की है और हर बार हमारे सर्वर पर से उसे डिलीट कर दिया गया है. कल डिलीट होने में थोडा सा समय लगा, और इसी कारण गूगल इन्फेक्शन का सन्देश दे रहा है. गूगल क्रोम से इन्फेक्शन का सन्देश समाप्त होने में थोडा सा समय लगता है, इंटरनेट एक्स्प्लोरर तथा मोज्ज़िला में यह प्रोब्लम नहीं आएगी. गूगल क्रोम की टीम को हमारीवाणी के सन्दर्भ में सूचित कर दिया गया है, आशा है जल्दी ही इन्फेक्शन का सन्देश समाप्त हो जाएगा.

    हमारा सर्वर कल सुबह ही सभी तरह के इन्फेक्शन से क्लीन हो चूका है और साईट खोलने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हैं. जैसा की हमने पहले भी घोषणा की थी कि कोई यूज़र टिपण्णी के माध्यम से आई-फ्रेम बनाकर हमारे सर्वर तक जानबूझकर इन्फेक्शन भेज रहा है. ......

    अधिक पढने के लिए यहाँ क्लिक करें
    http://hamarivani.blogspot.com/2010/08/blog-post_11.html

    उत्तर देंहटाएं
  17. @ अपनीवाणी,

    यदि आप वाकई सही कह रहे हैँ तो संचालकोँ को अपना नाम, अपनी पहचान बताने मेँ हिचक क्या है ?

    उत्तर देंहटाएं
  18. मेरा नाम आशु शर्मा है मैं नॉएडा का रहने वाला हु
    और मैं अपने टीम के साथ अपनी वाणी का संचालन करता हु !
    आप किसी भी समस्या के लिए support@apnivani.com पर ईमेल कर सकतें हैं हम जल्दी आपकी आसानी के लिए sms और फ़ोन सेरविसे भी चालू करने वालें है जिससे किस को भी कोइ समस्या नहीं आएगी भविष्य में!

    धन्यवाद...
    आपकी अपनी टीम www.apnivani.com

    उत्तर देंहटाएं
  19. हम भविष्य में हिंदी जगत के लिए और भी हिंदी ज्ञान हतु कुछ वेबसाइट का सञ्चालन करने वालें हैं जिससे हिंदी को अधिक से अधिक लोगो तक पहुचाया जा सके!
    बस इस बीच आप लोगो का साथ चाहिए! कियोंकि आप लोगो के बिना हम आगे नहीं बाद सकते! आपलोगों का इतने वर्षो का ज्ञान है जिसकी हमें बहुत आवश्यकता है !

    धन्यवाद...
    आपकी अपनी टीम www.apnivani.com

    उत्तर देंहटाएं
  20. आप लोग अब गूगल में भी जाकर apnivani को खोज सकतें है गूगल ने भी हमें हरी झंडी दिखा दी है

    धन्यवाद...
    आपकी अपनी टीम www.apnivani.com

    उत्तर देंहटाएं
  21. जब तक ब्लोगवाणी वापस नहीं आ जाती सिर्फ और सिर्फ चिट्ठाजगत का ही उपयोग करे यही मेरी सलाह है !

    उत्तर देंहटाएं
  22. तकनीकी पहलुओं से अनभिज्ञ ब्लॉगरो-ब्लॉगपाठकों को सचेत करने हेतु आपका भूरिशः धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  23. यह परेशानी बहुत ही साधारण है, ब्लोग्वानी के साथ भी कई बार हो चुकी है

    यह एक साधारण प्रॉब्लम है और अक्सर सभी तरह की वेब साईट में आतीं रहती है. अब से पहले यह परेशानी ब्लोग्वानी में भी कई बार आ चुकी है. इसका एक उदहारण आप निम्न लिंक पर जा कर देख सकते हैं.
    http://blog.masijeevi.com/2009/12/blog-post_6186.html

    लेकिन इस बार हौव्वा खड़ा किया जा रहा है. जैसे की हमने कल ही बताया था कि यह प्रॉब्लम कल ही ठीक कर ली गई थी, इसलिए परेशानी की कोई बात ही नहीं है. हमारीवाणी की टीम दिन-रात हिंदी भाषा की उन्नति तथा ब्लॉग जगत के उत्थान के लिए एक बेहतर ब्लॉग संकलक बनाने की मेहनत में लगी हुई है. ब्लॉग लेखकों को हुई परेशानी के लिए हमें खेद है.

    जहाँ तक बात हमारीवाणी के संस्थापकों की है, तो अभी तक इसकी आवश्यकता नहीं पड़ी इसलिए नाम नहीं बताए गए. लेकिन अगर आप चाहते हैं तो सभी नाम आपके सामने रखे जाएँगे. इसके लिए सभी संस्थापकों से हमारीवाणी टीम बात करेगी. अभी आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं, कि सभी संकलक ब्लॉग तथा मीडिया जगत से सम्बंधित ही हैं और आप उन पर विश्वास कर सकते हैं. कृपया who is के द्वारा आने वाले पते अथवा नाम पर ध्यान मत दें.

    टीम हमारीवाणी

    http://hamarivani.blogspot.com/2010/08/blog-post_12.html

    उत्तर देंहटाएं
  24. अपनीवाणी और हमारीवाणी के नाम से जो टिप्पणियां आ रही हैं, उनकी भाषा-शैली ही काफी कुछ कह देती है.

    उत्तर देंहटाएं
  25. khuch bhi ho mera blog aur post abhi bhiinahi dikh rahe hai

    उत्तर देंहटाएं
  26. सही प्रश्न उठाया गया है , संचालकों के पते प्रकाशित करने में आपत्ति क्या हो सकती है , इस पर कार्य होना चाहिए आपकी यह पोस्ट अत्यंत आवश्यक थी, आभार

    उत्तर देंहटाएं
  27. अपनीवाणी के बारे में तो आपसे ही पता चला पर हमारीवाणी पर जाकर देख चुका हूं. वहां जितनी पोस्ट थीं उन्हें देखकर एक नज़र में ही समझ आ गया था कि ये स्वच्छ गिरोह का ही काम है. उल्टे पांव लौट लिये थे.

    उत्तर देंहटाएं
  28. प्रवीण जी,
    इस समस्या पर आपका मुखर होना सराहनीय है।
    यह ठीक है कि संकलक निशुल्क सेवा प्रदाता है,लेकिन संकलक संचालकों के बारे में जानना न केवल सदस्यों का अधिकार है बल्कि आवश्यक्ता भी।

    उत्तर देंहटाएं
  29. बहुत सही एवं नितान्त आवश्यक मुद्दा उठाया आपने......हतप्रभ हूँ कि ये स्वच्छ(?) लोगों की जुंडली कैसे कैसे खेल खेलने में जुटी है. कहीं इन लोगों के षडयन्त्र हिन्दी ब्लागिंग को शैशवावस्था से ही सीधे मृ्त्युशैय्या पर न ले जाएं....

    उत्तर देंहटाएं
  30. समस्या गहरी है। कई अच्छे ब्लॉग नहीं खोल पा रहा हूँ इस समस्या से। आपका उपाय दुरुस्त है।

    उत्तर देंहटाएं
  31. इनके पास ब्लॉग एग्रेगेटर बनाने के लिए फंडिंग कहाँ से आई? कुछ महीने पहले तक स्वच्छ गिरोह के ज़्यादातर सदस्य बेरोजगार थे.

    उत्तर देंहटाएं
  32. :-)

    अगर हमारीवाणी के मालिको को कोई एतराज़ ना हो तो मुझे इसका मालिक कहलाने में कोई हर्ज नहीं है. वैसे भी इतना अच्छा काम कर रही है हमारीवाणी, ऐसे में इसका मालिक बनकर शोहरत बटोरना अच्छा आइडिया है. ;-)

    उत्तर देंहटाएं
  33. वैसे सुरेश जी, अगर हमारी वाणी का अगर मैं ही मालिक होता तो आपके अनुसार क्या मेरा इसके पीछे क्या मंसूबा होता?

    उत्तर देंहटाएं
  34. पं.डी.के.शर्मा"वत्स" जी,

    आपने हमारी वाणी का मालिक मुझे मानकर किस स्वच्छ(?) लोगों की जुंडली से जोड़ने की कोशिश की है? और आप मेरे किस कैसे खेल और षडयन्त्र की और इशारा कर रहे हैं?


    मैं हमेशा से ही आपकी बहुत इज्ज़त करता हूँ लेकिन हतप्रभ हूँ कि आप मेरे बारे में ऐसी बातें कर रहे हैं???? आखिर ऐसी क्या कमी देख ली आपने मेरे में?

    उत्तर देंहटाएं
  35. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  36. शाह नवाज यदि आप उक्त डाटा को नकारते हैं तो आप झूठ बोल रहे हैं। आप क्या सोचते हैं कि आपके झूठ बोलने से सच छिप जायेगा?

    इन्टरनेट पर हमारीवाणी की सारी whois history मौजूद है, जो आपके झूठ बोलने के बाबजूद सच्चाई बता देगी। निम्न लिंक आपके झूठ का सबूत है।

    http://img713.imageshack.us/img713/1686/hamarivani01.jpg

    यह whois history की इमेज http://domaintools.com से आज ही ली गई है। कौन सा डोमेन में नाम कब बदला गया, पहले नाम क्या था, सब पता चल जाता है..

    उत्तर देंहटाएं
  37. जिस कमेन्ट में शाहनवाज हमारीवानी के whois डाटा में अपने नाम और एड्रेस को शरारतन प्रेमरस.कॉम कापी किया हुआ बताकर प्रवीण शाह से मिटाने के लिये अनुरोध कर रहे थे और हमारीवानी की ओनरशिप से पल्ला झाड़ रहे थे खुद शाहनवाज ने उस कमेन्ट को ही मिटा डाला!

    उत्तर देंहटाएं
  38. शाह नवाज ब्लागर समुदाये को ये भी बताईये कि Mohammad Abdullah Khan और उसकी बहिन Aziza Sultana Khan किस देश के मूल नागरिक हैं?

    उत्तर देंहटाएं
  39. आपकी दो पोस्ट के बाद भी हमारीवानि के सन्चालको ने अपना बुर्का नही उतारा

    ये अपना नाम छिपा क्यो रहे है?

    उत्तर देंहटाएं
  40. अन्दर की बात यह है की इसके मालिक शाह नवाज़, खुशदीप सहगल और तीसरा कोई मशहूर कार्टूनिस्ट है.

    उत्तर देंहटाएं
  41. और बाहर की बात है कि इसका असली मालिक पाकिस्तानी मोहम्मद अब्दुल्ला है।
    कोशिश तो की गई थी कि हिन्दी ब्लागर में से कोई नाम दे दें लेकिन कोई भी बेबकूफ नहीं मिल पाया इसलिये गप्पोड़ी गप्प उडा रहे हैं

    उत्तर देंहटाएं
  42. राजेश जी आपकी बातें बेकार की है. हमने Tel communication की कुछ सुविधाएँ हमारीवाणी के उपयोगकर्ताओं को provide करने का प्लान बनाया है इसके लिए Bakersfield, USA स्थित एक इंडियन कंपनी से सेवाएँ ली जा रही थी. हमारीवाणी के संचालक अपनी पहचान निजी आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए नहीं बताना चाहते थे, और इसकी कोई आवश्यकता भी दिखाई नहीं दे रही थी. इसीलिए टेक्निकल टीम ने Bakersfield, USA का पता लिखा था. लेकिन उस कंपनी के टेक्निकली सशक्त ना होने के कारण उनकी सेवाएँ नहीं लेने का फैसला किया गया और फाइल नए सर्वर पर लोड कर दी गयी हैं.

    आप लोग ब्लॉगवाणी के संचालकों के ऊपर लगने वाले आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति के भी जानकार होंगे, इसलिए इस मांग को यहीं ख़त्म कर देना अच्छा है. क्योंकि संचालकों बारे में जानकारी होने अथवा नहीं होने से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा है. हमारीवाणी हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले दिनों में और भी कई प्रोजेक्ट और सुविधाएँ आपके बीच में आएँगे.

    धन्यवाद!

    टीम हमारीवाणी

    उत्तर देंहटाएं
  43. Shukr hai main in sankalankon ke chkkar mein nahin padi.

    Wiase ek baat ki mere blogs bhi jane pahchane blogs mein hain,Bahut Ashchry hai ki 'hamarivaani' team ka unse judne ka [register karane ke liye]sandesh --mere ek bhi blog par aaj tak nahin aaya.
    to kya samjha jaaye??wahi ?jo baqi log ab tak kah chuke hain aur ve sabhi naam sahi hain,kyonki ve dusri lobby[so called] ke log hain.
    Ye log sirf apni pasand ke[zarurat ke] aur naye easy target blogs par ja kar nyota de rahe hain.Taki sirf inki prabhustta sthapit ho.
    -------Godiyaal sahab se agree hun-
    Blogger पी.सी.गोदियाल said...

    जब तक ब्लोगवाणी वापस नहीं आ जाती सिर्फ और सिर्फ चिट्ठाजगत का ही उपयोग करे यही मेरी सलाह है !

    उत्तर देंहटाएं

मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो कृपया उन्हें 'नेकी कर दरिया में डाल' की तर्ज पर ही यहाँ टिप्पणी रूप में दर्ज करें... इस टिप्पणी के पीछे कोई अन्य छिपा हुआ मंतव्य न रखें, आप इसे उधार में मुझे दी गयी टिप्पणी न समझें, प्रतिउत्तर में आपके ब्लॉग पर टिप्पणी करने की किसी बाध्यता को मैं नहीं मानता व मुझसे या किसी अन्य ब्लॉगर से भी ऐसी अपेक्षा रखना न तो नैतिक है न उचित ही !... मैं किसी अन्य के लिखे आलेखों पर भी इसी नियम व भावना के तहत टिपियाता हूँ !

असहमति को इस ब्लॉग पर पूरा सम्मान दिया जाता है, आप मेरे किसी भी विचार का खुल कर विरोध या समर्थन कर सकते हैं, परंतु अशिष्ट या अश्लील भाषा यु्क्त अथवा किसी के भी ऊपर व्यक्तिगत आक्षेपयुक्त टिप्पणियाँ कृपया यहाँ न दें... आप अपनी टिप्पणियाँ English, हिन्दी, रोमन में लिखी हिन्दी, हिंग्लिश आदि किसी भी तरीके से लिख सकते हैं... नहीं कुछ लिखना चाहते हैं तो भी चलेगा... आपके आने का शुक्रिया... आते रहियेगा भविष्य में भी... आभार!