शुक्रवार, 16 जुलाई 2010

जियो जियो पाकिस्तान...कम से कम यहाँ तो झन्डा बुलंद है पिछले छह सालो से !


.
.
.

मेरे 'आस्तिक' मित्रों,

बहुत कम होता है ऐसा कि किसी खबर को पढ़ कर बरबस आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाये...

ऐसी ही एक खबर है यह... भी !

यकीन मानिये जब से पढ़ा है मुस्कुराना रूक ही नहीं पा रहा है।

मैं उद्धृत करता हूँ...


Pornistan? Pak tops world in ‘sex’ searches

Islamabad: Pakistan — the land of the pure — has notched up a rather unenviable first place, for porn searches per person across the world, according to Google search trends.
According to a Fox News report, Pakistan is “top dog in searches for ‘horse sex’, since 2004, ‘donkey sex’ since 2007, ‘rape pictures’ and ‘rape sex’ since 2004, ‘child sex’ between 2004 and 2007 and since 2009, ‘animal sex’ since 2004 and ‘dog sex’ since 2005”.
The country also tops or has topped in searches under the categories of sex, camel sex, rape video, child sex video and some other unprintables. The Pakistani embassy did not reply to a request for an interview, the report said.
So far, Pakistan has banned 17 websites for offensive or blasphemous material and is monitoring seven others (including Google, Yahoo, YouTube and Amazon). PTI


अकसर धर्म की आवश्यकता पर जब बहस होती है तो आस्तिकों का तर्क होता है कि धर्म अनाचार को कम करता है और नैतिकता को बल देता है... ब्लॉगवुड में स्वधर्म प्रचार की दुकानें खोले एक धर्म विशेष के मेरे मित्र तो यह विश्वास पाले हैं कि यदि उनके 'परमपिता' को सब मानने लगें और 'उसी' का कानून पूरी दुनिया में लागू हो जाये तो कोई समस्या नहीं रहेगी!

कदाचित ऐसों की ही मान कर मरहूम जनरल जिया उल हक ने काफी सालों पहले पाकिस्तान को इस्लामी मुल्क व पूरे मुल्क में शरई कानून भी लागू कर दिया था... नतीजा ऊपर देखिये... बताने वाले कई इसे मीडिया क्रियेशन कहेंगे... कई इसके समाजशास्त्रीय व व्यवहारशास्त्रीय या राजनीतिक कारण भी बतायेंगे... परंतु कोई सही सही यह नहीं बतायेगा कि क्यों एक ऐसा मुल्क जहाँ ईंटरनेट पर आज भी बहुसंख्य आबादी की पहुंच नहीं है...
नेट पर ‘horse sex’,‘donkey sex’,‘rape pictures’,‘rape sex’,‘child sex’ ,‘animal sex’,‘dog sex’, 'camel sex', rape video, child sex video आदि आदि खोजने में TOP पर है!


क्या आप कोई वजह जानते हैं इस सब की ? यदि हाँ तो बताईये जरूर...

वरना मेरी चिंता इस बात की है कि 'टिक टिक करता इस्लामी आतंकी टाइम बम' तो पहले से ही है हमारा यह पड़ोसी... कहीं सभी को नेट सुविधा मिलने के बाद 'सेक्स बम' भी न फूट पढ़े दुनिया में पाकिस्तान से...

खतरा वास्तविक और बहुत करीब है... कमर कस लीजिये अभी से!





आभार!


...

12 टिप्‍पणियां:

  1. यह बात सारी दुनिया के मुस्लिमो पर लागू होती है न सिर्फ पाकिस्तान . पोर्न साईट टटोलने में भारत का क्यास्थान है मैं नहीं जानता. मगर जो भी स्थान होगा वह यहाँ के मुसलमान नेट यूजर्स की ही वजह से है . ये लोग सिर्फ एक महीने ( रमजान के महीने ) सरीफ इंसान बनते है बाकी तो सब अल्लाह के पिछवाड़े है .

    उत्तर देंहटाएं
  2. हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा………
    सोचिये जब भारत में शरीयत लागू होगा तो "सेक्स" शब्द के सर्च से गूगल का सर्वर बार-बार डाउन हो जायेगा

    उत्तर देंहटाएं
  3. अब समझ में आया कि क्यों "सूअर" शब्द कुछ लोगों को Inferiority Complex देता है :) :) :) :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. अगर यह सच है, तो यह पोस्ट सबक देने वाली है, मगर आस्तिकों से नाराज क्यों प्रवीण भाई ? चलाने दीजिये इन लोगों को अपनी दुकाने ...

    -इन सबके अपने अपने उद्देश्य है जिसको लेकर ब्लागिंग में उतरे हैं और हर हालत में नाम कमाना और अपनी सोच के लोगों को साथ जोड़ के रखना है चाहे वे कितनी घटिया मानसिक वृत्ति के क्यों न हों !
    -निहायत वेशर्म ये लोग वक्त पर नंगई पर भी उतर आते हैं और जंगली कुत्तों की तरह, अलग अलग नामों से झुण्ड बना कर हमला करने से बाज नहीं आते हैं ऐसे मौकों पर इनकी पहचान करना आसान हो जाती है ! !

    -अपने से अधिक स्वच्छ और ईमानदार किसी को नहीं मानते ! इन लोगों की शीघ्र पहचान होगी और पूरा देश इन्हें पहचानेगा !

    -इनको पढ़िए तो ऐसा लगता है इनसे अच्छा और विद्वान् इंसान दुनिया में नहीं आया है !

    -अपने आपको ऊपर ले जाने के लिए हर एक को ललकारना इनका उद्देश्य है जिससे लोग उन्हें पहचान लें !

    -दोनों धर्मों में नाम कमाने का प्रयत्न करते, और एक दूसरे पर कीचड़ फेंकते यह लोग सिर्फ इस देश में गन्दगी फैला रहे हैं , नफ़रत के सौदागरों को इसके दूरगामी परिणामों की जरा भी चिंता नहीं !

    - इन लोगों को इस देश के नन्हे बच्चों, आने वाली नस्ल तथा सांप्रदायिक सद्भाव से कोई लेना देना नहीं !

    - ईश्वर का शुक्र है कि हमारे बच्चे चाहे किसी कौम के हों ...अपने बाप के मुकाबले बेहतर समझदार हैं , शायद उनके हाथों देश में कुछ बेहतरी की उम्मीद कर सकते हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  5. सतीश जी से सहमत हैं. जानकारी के लिए आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  6. @प्रवीण शाह जी ,

    "‘horse sex’,‘donkey sex’,‘rape pictures’,‘rape sex’,‘child sex’ ,‘animal sex’,‘dog sex’, 'camel sex', rape video, child sex video"

    अरे भाई धार्मिक लोग हैं जो चीजें जन्नत के पैकेज में नहीं हैं उन्हें यहां देख लें तो ? :)

    सेक्स को लेकर कुंठायें कहां कैसे और क्यों पनपती है ये जानकर भी पूछ रहे हैं ? :)

    अब ये मत कहियेगा कि आपको सच में पता नहीं ! आपने तो आदरणीय सुब्रमनियन जी तक से हुंकारा भरवा लिया है :)

    उत्तर देंहटाएं
  7. google is jews company and what is realtion between muslims and jews no need to tell....so why should i not laugh on your vision and thinking.... ha ha ha ha.....poor man.

    उत्तर देंहटाएं
  8. @सभी सम्मानित एवं आदरणीय सदस्यों

    आप सबके अपने blog " blog parliament " ( जिसका की नाम अब " ब्लॉग संसद - आओ ढूंढे देश की सभी समस्याओं का निदान और करें एक सही व्यवस्था का निर्माण " कर दिया गया है ) पर पहला प्रस्ताव ब्लॉगर सुज्ञ जी के द्वारा प्रस्तुत किया गया है , अब इस प्रस्ताव पर बहस शुरू हो चुकी है , कृपया कर आप भी बहस में हिस्सा लें और इसके समर्थन या विरोध में अपनी महत्वपूर्ण राय प्रस्तुत करें ताकि एक सही अथवा गलत बिल को स्वीकार अथवा अस्वीकार किया जा सके

    धन्यवाद

    महक

    उत्तर देंहटाएं
  9. @सभी सम्मानित एवं आदरणीय सदस्यों

    आप सबके अपने blog " blog parliament " ( जिसका की नाम अब " ब्लॉग संसद - आओ ढूंढे देश की सभी समस्याओं का निदान और करें एक सही व्यवस्था का निर्माण " कर दिया गया है ) पर पहला प्रस्ताव ब्लॉगर सुज्ञ जी के द्वारा प्रस्तुत किया गया है , अब इस प्रस्ताव पर बहस शुरू हो चुकी है

    कृपया कर आप भी बहस में हिस्सा लें और इसके समर्थन या विरोध में अपनी महत्वपूर्ण राय प्रस्तुत करें ताकि एक सही अथवा गलत बिल को स्वीकार अथवा अस्वीकार किया जा सके

    धन्यवाद

    महक

    उत्तर देंहटाएं
  10. @सभी सम्मानित एवं आदरणीय सदस्यों

    आप सबके अपने blog " blog parliament " ( जिसका की नाम अब " ब्लॉग संसद - आओ ढूंढे देश की सभी समस्याओं का निदान और करें एक सही व्यवस्था का निर्माण " कर दिया गया है ) पर पहला प्रस्ताव ब्लॉगर सुज्ञ जी के द्वारा प्रस्तुत किया गया है , अब इस प्रस्ताव पर बहस शुरू हो चुकी है

    कृपया कर आप भी बहस में हिस्सा लें और इसके समर्थन या विरोध में अपनी महत्वपूर्ण राय प्रस्तुत करें ताकि एक सही अथवा गलत बिल को स्वीकार अथवा अस्वीकार किया जा सके

    धन्यवाद

    महक

    उत्तर देंहटाएं

मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो कृपया उन्हें 'नेकी कर दरिया में डाल' की तर्ज पर ही यहाँ टिप्पणी रूप में दर्ज करें... इस टिप्पणी के पीछे कोई अन्य छिपा हुआ मंतव्य न रखें, आप इसे उधार में मुझे दी गयी टिप्पणी न समझें, प्रतिउत्तर में आपके ब्लॉग पर टिप्पणी करने की किसी बाध्यता को मैं नहीं मानता व मुझसे या किसी अन्य ब्लॉगर से भी ऐसी अपेक्षा रखना न तो नैतिक है न उचित ही !... मैं किसी अन्य के लिखे आलेखों पर भी इसी नियम व भावना के तहत टिपियाता हूँ !

असहमति को इस ब्लॉग पर पूरा सम्मान दिया जाता है, आप मेरे किसी भी विचार का खुल कर विरोध या समर्थन कर सकते हैं, परंतु अशिष्ट या अश्लील भाषा यु्क्त अथवा किसी के भी ऊपर व्यक्तिगत आक्षेपयुक्त टिप्पणियाँ कृपया यहाँ न दें... आप अपनी टिप्पणियाँ English, हिन्दी, रोमन में लिखी हिन्दी, हिंग्लिश आदि किसी भी तरीके से लिख सकते हैं... नहीं कुछ लिखना चाहते हैं तो भी चलेगा... आपके आने का शुक्रिया... आते रहियेगा भविष्य में भी... आभार!