शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

शाबाश निशात, हिना और अर्शी !!! . . . . . . . आप भी शाबाशी दीजिये इन बहादुर महिलाओं को. . . . काश सभी आप जैसी ही बन पाती!



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मेरे मित्रों,

आज ज्यादा कुछ नहीं...

बस एक खबर का यह लिंक आपके लिये...

पढ़िये और मेरी ही तरह शाबाशी दीजिये निशात, हिना और अर्शी को... रूढ़िवादिता के बीच जुल्म के खिलाफ उठ खड़े होने के उनके साहस के लिये...

काश मेरे मुल्क की बाकी स्त्रियां भी उन सा हो पाती...





आभार!

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1 टिप्पणी:

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