रविवार, 23 मई 2010

आजकल ग्रह अच्छी स्थिति में बुरा फल देते हैं. . . घोर कलयुग. . . आइये कल्कि अवतार का स्वागत करें।

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मेरे "ज्योतिष-विश्वासी' मित्रों,

बहुत दुखी हूँ मंगलौर हादसे से... पर Tricky Runway था...और ५५ साल का १०००० घंटे से भी ज्यादा विमान उड़ाने का अनुभवी सर्बियन पाइलट कैप्टन ज्लाको ग्लुसिका पहली और अंतिम बार धोखा खा गया... नतीजा १६० मौतें...रिस्की काम है नागरिक उड्डयन और तमाम सावधानियों के बाद भी यदा-कदा हादसे होते ही रहते हैं...

मेरी श्रद्धांजलि सभी मृतकों को...



पर दुनिया को तो चलना ही है...



इसलिये तुरंत मैंने यह पोस्ट खोली, देखने को कि इस काले शनिवार को तारीख क्या थी...


और यह लिखा मिला...



"2010 के आनेवाले पूरे वर्षभर में पृथ्‍वी पर इस प्रकार की बुरी ग्रह स्थिति निम्‍न तिथियों को बनती है , जिसके कारण कई प्रकार के प्राकृतिक या मानवकृत दुर्घटनाओं या अन्‍य आपदाओं की संभावनाएं बनेंगी,.........

मई में 3 , 7, 9 , 12 , 14 ,21 , 23 , 29 , 30
जून में 3 , 6 , 12 , 17 , 19
जुलाई में 3 , 11 , 14 , 23 , 31
अगस्‍त में 4 , 10 , 11 , 12 , 13 , 21 , 23 , 26 , 27
सितम्‍बर में 7 , 8 , 11 , 19 , 23 , 24
अक्‍तूबर में 4 , 7 , 8 , 20 , 21
नवम्‍बर में 5 , 6 , 7 , 16 , 17 , 19 , 20 , 28
दिसंबर में 2 , 5 , 7 , 10 , 14 , 15 , 19 , 29 , 30 , 31"




अब आप ही सोचिये, बुरी ग्रह स्थिति थी २१ व २३ मई को...यानी २२ मई को अच्छी ग्रह स्थिति थी... फिर भी ग्रहों ने इतना बुरा फल क्यों दिया ?



कलियुग की इंतहा हो गई है शायद...



कल्कि अवतार उतरेंगे क्या जल्दी ही ?









(मेरी इस पोस्ट से अब आप कृपया यह मत सोचने लगियेगा कि ऊपर दी तारीखों में प्राकृतिक या मानवकृत दुर्घटनायें या अन्‍य आपदायें नहीं होंगी... सिम्पल माई डियर वाटसन... अच्छी या बुरी कोई भी घटना जब-जब होगी...उस दिन कोई तारीख तो होगी ही... और यह तारीख कुछ भी हो सकती है...ऊपर लिखी भी!)





आभार!
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9 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी या बुरी कोई भी घटना जब-जब होगी...उस दिन कोई तारीख तो होगी ही... और यह तारीख कुछ भी हो सकती है...ऊपर लिखी भी!)

    आपसे पूर्णतया सहमत हूँ

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  2. आपका अंदाज़ भी अलग ही है...
    क्या गज़ब चोट करते हैं...

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  3. भविष्य वक्ता जी बस यही कहने वाले हैं कि गणना में कुछ गलती हो गई इस लिए एक दो दिनों का फेर हो गया।
    एक निवेदन आप ने ग्रह को गृह लिखा है जिस का अर्थ घऱ होता है। इसे दुरुस्त कर लें।

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  4. दुखद हादसा.
    और प्रवीण जी, एक और बात पर आपने ध्यान दिया, पिछले दिनों ब्लौग जगत में इतने हंगामे हुए लेकिन कोई भी ज्योतिषी उनकी भविष्यवाणी नहीं कर सका!
    एक और नया रंगरूट भी आया है मंडली में जो हैडिंग में ही बताता है 'हमने तो पहले ही इसकी भविष्यवाणी कर दी थी'.

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  5. राक्षसों का ये भविष्यवाणी का खेल और फिर उसके आधार पर मानव को ध्वंस करने का कुचक्र पुराना है लेकिन अब पहचान लिया गया है। अधिक जानकारी के लिये अनूप मंडल से संपर्क करें जिनके आधार गृन्थ पर विमर्श करने तक का किसी में साहस नहीं हो पा रहा है। हिंदू-मुसलमान सभी शैतान,जिन,राक्षसों और दानवों का अस्तित्व स्वीकारते हैं लेकिन उस पर बहस करना मूर्खता मानते हैं यही इनकी भ्रष्टबुद्धि का प्रमाण है जो कि आचरण व खानपान की अशुद्धि से जनमी है।

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  6. क्या प्रवीण जी आप भी .....????

    ये जितने भी शुभ - अशुभ घडी की बातें करते हैं .... भविष्यवाणी करते हैं. इनकी बातें हास्यास्पद होती हैं.

    पहले तो ये बताएँगे कि अमुक दिन पानी बरसेगा
    उसके बाद
    पानी नहीं बरसने पर पहले से भी ज्यादा जोरदार तर्कों द्वारा यह सिद्ध कर देंगे कि क्यूँ नहीं बरसा पानी :)
    -
    -
    सभी मृतकों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि

    उत्तर देंहटाएं
  7. .
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    @ आदरणीय दिनेशराय द्विवेदी जी,
    भूल सुधार के लिये आभार, मेरी गलती थी, सही कर दिया है।

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  8. हे कल्कि महाराज !
    अवतार लेना है तो लें, जीवों पर दया दृष्टि तो बनी रहे ।
    मृत आत्माओं को श्रद्धांजलि !

    साहित्य की तरह ज्योतिष के नाम पर भी छद्म लोग सक्रिय हैं । क्या किया जाए ?
    अच्छा आलेख लिखा , बधाई है ।

    एक बात और…
    विस्मित हूं कि दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने पर आप भड़के - बिदके नहीं , विनम्रता से भूल सुधार भी कर लिया , आभार व्यक्त किया वो अलग से ! प्रणाम है आपकी शालीनता को !
    वरना ब्लॉग जगत पर तो मठाधीश बने बैठे लोग ऐसी स्थिति में अपने चेलों चमाटों , गुरूघंटालों की चौकड़ी सहित अनर्गल प्रलाप करते हुए सच कहने वाले पर हमला बोलते नज़र आते हैं , और तुर्रा यह कि उनके ब्लॉग की गरिमा !


    कृपया , समय निकाल कर
    शस्वरं
    पर विजिट करें !

    - राजेन्द्र स्वर्णकार
    शस्वरं

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  9. श्रद्धांजलि .....और बातें गौण हैं !

    उत्तर देंहटाएं

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