रविवार, 17 जनवरी 2010

टिप्पणी मॉडरेशन कभी कभी आपकी पोस्ट को असमय मार भी सकता है. . . . . . . . . . . . प्रवीण शाह।

.
.
.
मेरे टिप्पणी कर्ता मित्रों,

कभी कभी ऐसा होता है कि एक बेहद विचारोत्तेजक विषय पर आप एक पोस्ट बनाते हैं... पाठक तुरंत ही उसे पढ़ना शुरु करते हैं और इसी के साथ-साथ शुरू होता है टिप्पणियों का आना... अब होता क्या है कि चर्चा दो स्तरों पर चलती है... पहली तो ब्लॉग पोस्ट मे उठाये मुद्दे पर ब्लॉगलेखक और पाठक के बीच में... और दूसरी पाठक द्वारा दी गई टिप्पणी के ऊपर उस तथा अन्य टिप्पणीकारों के बीच में...ब्लॉग लेखक को कतई यह नहीं सोचना चाहिये कि पाठक केवल उसकी पोस्ट पर ही कमेंट देगा... एक जागरूक पाठक पोस्ट पर आई टिप्पणियों को भी उतने ही ध्यान से पढ़ता है, और उनमें उठायी बातों पर भी कमेंट देता है... यह सब जब Real Time में होता है तो चर्चा कई बार स्वयमेव इतना विस्तार ले लेती है कि एक अच्छी खासी और सार्थक बहस हो जाती है ऐसा कई बार हुआ है...और आपने भी यह सब देखा ही होगा।

अब जो बात मैं कहने जा रहा हूँ वह उन ब्लॉगरों के लिये है जिनके ब्लॉग पर मॉडरेशन लागू है... कई बार यह होता है कि वे एक ज्वलंत और विचारोत्तेजक विषय पर बहुत अच्छी पोस्ट लगाते हैं...परंतु दुर्भाग्यवश मॉडरेशन करने के बाद टिप्पणियों को Real Time में क्लियर करने के लिये समय नहीं निकाल पाते हैं... नतीजा... एक संभावनापूर्ण पोस्ट, जिसे काफी पाठक मिलते और वह एक वृहत चर्चा को जन्म देती, असमय ही दम तोड़ देती है...

उदाहरण के लिये यह पोस्ट देखिये... जहाँ पर पिछले १८ घन्टों से कोई टिप्पणी मॉडरेशन से बाहर नहीं आई हैं जिनमें से दो टिप्पणियां इस नाचीज की भी हैं।

क्या समाधान के तौर पर यह नहीं हो सकता कि पोस्ट लगाने के बाद जिस दिन हमारे पास टिप्पणी मॉडरेट कर क्लियर करने का मौका या समय न हो,केवल उस दिन के लिये मॉडरेशन हटा ही दिया जाये... आखिर आपत्तिजनक टिप्पणियों को बाद में भी हटा सकने का विकल्प तो है ही आपके पास...

जब बात उठी ही है तो एक सवाल जो कभी-कभी मेरे मन में उठता है वह यह है कि क्यों हमारे ब्लॉग जगत के ज्यादातर कविता ब्लॉगों में मॉडरेशन लगा है...और कितनी ही बेतुकी, बेसिर-पैर की व कथ्य-शिल्प के स्तर पर कमजोर रचनाओं को वाह वाह करती ही टिप्पणियां मिलती हैं... कहीं ऐसा तो नहीं कि आलोचनात्मक टिप्पणियां रोक दी जाती हों...

आप क्या सोचते हैं बताईये जरूर, मेरे ब्लॉग में मॉडरेशन नहीं है और न ही आज तक कोई टिप्पणी हटाई गई है।

16 टिप्‍पणियां:

  1. प्रवीण जी मैं पूर्णतह आपसे सहमत हूँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. सहमत हूं आपसे .. वैसे मॉडरेशन मैं भी लगाती हूं .. पर एक दो घंटे में सारी टिप्‍पणियां प्रकाशित कर देती हूं .. आजतक किसी टिप्‍पणी को मिटाने की आवश्‍यकता नहीं पडी है मुझे !!

    उत्तर देंहटाएं
  3. प्रवीण भाई,
    मॉडरेशन को लेकर तो पहले ही मैंने एक-दो पोस्टें लिखी हैं…
    मेरा भी यही कहना रहा है कि
    1) जब टिप्पणी हटाने का विकल्प है तो मॉडरेशन क्यों?
    2) कहीं ऐसा तो नहीं कि आलोचनात्मक टिप्पणियों को रोकने के लिये इसका प्रयोग किया जाता हो?

    अन्त में - मॉडरेशन तो मॉडरेशन, भाई लोगों ने वर्ड वेरिफ़िकेशन भी लगा रखा है, जो कि नितांत गैरजरूरी है फ़िलहाल हिन्दी ब्लाग जगत में… एक तो पाठक बड़ी मुश्किल से आ रहे हैं, उस पर भी आपने दो-दो गेट लगा रखे हैं तो दिमाग खराब तो होगा ही…। मैं भी मॉडरेशन वाले ब्लॉग्स पर टिप्पणी करने से बचता हूं, पता नहीं प्रकाशित हो न हो… और वर्ड वेरिफ़िकेशन वाले ब्लाग पर तो पहली और आखिरी बार ही जाता हूं… :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. प्रवीण जी, मैं आपसे सहमत हूँ. कई बार मैं भी एक तफ्सील टिप्पणी तैयार करता हूँ और माडरेशन के कारण वह प्रकाशित नहीं हो पाती तो बड़ी कोफ़्त होती है. खासकर जब वह एक सार्थक बहस को दिशा देने के लिए अथवा तर्कों के उत्तरस्वरूप होती है. आलोचना से डरने वालों को पहले ही यह घोषणा पोस्ट पर लगा देनी चाहिए कि वे केवल वाहवाही वाली टिप्पणियां ही स्वीकार करेंगे. जहाँ तक गाली-गलौच का सवाल है तो उससे टिप्पणी करने वाले का चेहरा ही बेनकाब होता है और उसे बाद में हटाया भी जा सकता है.

    उत्तर देंहटाएं
  5. प्रवीण जी ,मैं आपसे सहमत हूँ और माडरेशन के पक्ष में मैं भी नहीं हूँ मगर हुआ यह की कुछ लोगों ने अश्लील साहित्य पेस्ट करना शुरू कर दिया इसलिए पाठकों को असुविधा से बचने के लिए माडरेशन लगाना पड़ा -और यह सुविधा भी दी इसलिए ही गयी है ! हाँ तस्लीम पर माडरेशन जायदा देर तक न रहे इसका ध्यान रखा जायेगा .

    उत्तर देंहटाएं
  6. बिल्कुल सही कहा आपने.....इसलिए हमने तो आज तक कभी माडरेशन का इस्तेमाल ही नहीं किया...प्रशंसा,निन्दा,अलोचना,परामर्श सब के लिए दरवाजे खुले रखें हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  7. प्रवीण भाई,
    मेरा भी मानना है कि मॉडरेशन टिप्पणी देने वालों का उत्साह आधा कम कर देता है...इससे हाथों-हाथ पोस्ट-लेखक से संवाद की संभावना भी खत्म हो जाती है...मुझे दो-तीन दिन मॉडरेशन कुछ सिरफिरों की वजह से ही लगाना पड़ा था...वो बेनामी होते ही इसलिए है कि अपने दिमाग में भरा कूड़ा साफ़-सुथरी पोस्ट पर जाकर फैलाएं...अश्लील और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर ये बिना मॉडरेशन वाले ब्लॉग पर अपनी टिप्पणी प्रकाशित कर देते हैं...अब मान लीजिए उस समय पोस्ट-लेखक किसी काम की वजह से नेट से दूर है...और वो टिप्पणी डिलीट करने की स्थिति में नहीं है, तो इस वक्त में वो अमर्यादित टिप्पणी पोस्ट पर दिखती रहेगी और पाठकों के लिए भी असहज स्थिति उत्पन्न करती रहेगी...बेचारे पोस्ट-लेखक का कोई कसूर न होते हुए भी उसका ब्लॉग सिरफिरों के दिमाग की गंदगी के संप्रेषण का माध्यम बन जाएगा...निश्चित रूप से ऐसे बेनामी छुट्टे न घूम रहे हो तो कोई भी ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर मॉडरेशन लगाना पसंद नहीं करेगा...मैं आलोचना या निंदा कितनी भी कटु क्यों न हो, बस मर्यादा के दायरे के अंदर होनी चाहिए, कभी किसी टिप्पणी को डिलीट नहीं करता...अभी पीछे तो एक सिरफिरे ने हद ही कर दी...अपना यूज़र नेम ही गाली के साथ रख लिया...अब आप उसकी टिप्पणी डिलीट भी करते हैं तो गाली के साथ उसका नाम आपकी पोस्ट पर दिखता रहेगा...अब उसका क्या करें....ऐसे लोगों को साइबर क्राइम विजीलेंस के ज़रिए बेनकाब
    कर जूते लगने चाहिए...एक-दो को सज़ा मिल जाए तो फिर कोई बेनामी अमर्यादित टिप्पणी या अपने ब्लॉग का नाम गाली पर रखने की जुर्रत नहीं करेगा...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  8. दुनिया में हर तरह के लोग हैं, सभी को एक ही चश्मे से देखना कहाँ तक सही है? मोडरेशन के स्थान पर अश्लील और दुर्भावनापूर्ण तिप्पनिकारने वालों की आईडी या आईपी एड्रेस ही प्रतिबंधित कर देना वैकल्पिक उपाय हो सकता है. कितनी नै आईडी बनाएगा? मैं खुद स्पैमरों की आईडी ब्लाक कर देता हूँ.

    उत्तर देंहटाएं
  9. आप से बिलकुल सहमत हूं।
    मेरे ब्लॉग में भी मॉडरेशन नहीं है और न ही आज तक कोई टिप्पणी हटाई गई है।

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी बात ठीक है मगर जैसा कि खुशदीप भाई ने कहा कभी कभी शायद ये एकमात्र विकल्प बचता है ,लेकिन आमतौर पर मोडरेशन लगे होने से टिप्पणीकर्ता का उत्साह कम होता है इतना पक्का है
    अजय कुमार झा

    उत्तर देंहटाएं
  11. मोडेरेसन तो मैंने भी लगा रखा है, और उसका कारण है विषय छोड़कर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ आना..हाँ, पर मैं टिप्पणियाँ तुरंत प्रकाशित कर देती हूँ ..और मोडेरेसन भी सिर्फ अपने ब्लॉग पर लगाया है,"भुजंग" जो साझा ब्लॉग था उसपर मोडेरेसन नही लगा था.

    उत्तर देंहटाएं
  12. खुशदीप जी ने अपनी टिप्पणी में सही कहा है।

    वैसे मॉडरेशन गलत नहीं है, गलत है मॉडरेशन लगाने के बाद मॉडरेट न करना।

    उत्तर देंहटाएं
  13. ham bloging mae apni baat kehnae aatey haen naa ki apni soch badalnae
    is liyae moderation jaruri hotaa haen taaki ham jis vishay par jis tarah apni baat rakhna chahtey haen rakh sakey aur apni baat dusro tak pahuchaa sakey
    vyaktigat aur vishay sae hat kar ki gayee tippani useless hotee haen usko mae moderate kar daetii hun

    paathak kae paas option haen wo padhey yaa naa padhey auer yae bhi option haen ki padh kar kament karey lekin uska kament chchape yaa naa chhape yae blog owner kaa nirnay hota haen

    aap nae baat keh di jiski post haen us tak pahuch gayee ab chhapee yaa nahin chhapii is sae kyaa farak padtaa haen aap ko vishay galat lagaa aap apni post par jaa kar likh saktey haen link dae saktey haen

    moderation is a tool which is good to use

    उत्तर देंहटाएं
  14. आपसे पूरी तरह सहमत हूं।आलोचना से मैं नही डरता और उन्हे प्रकाशित करता हूं,लेकिन मोडरेशन मैने चालू रखा है जिसके बारे मे ऊपर विद्वानो ने अपनी राय व्यक्त कर दी है,मेरी उनसे भी सहमति है या कह लिजिये नंगों से खुदा डरता है तो फ़िर मैं किस खेत की मूली हूं।एक बार आप की बातों से सहमति जताते हुये सिर्फ़ इतना ही कह सकता हूं कि इस बारे मे तो एग्रिगेटर को कोई सख्त कदम उठाने चाहिये।

    उत्तर देंहटाएं

मेरे इस आलेख को पढ़ कर ही यदि आपके मन में कोई विचार उत्पन्न हुऐ हैं तो कृपया उन्हें 'नेकी कर दरिया में डाल' की तर्ज पर ही यहाँ टिप्पणी रूप में दर्ज करें... इस टिप्पणी के पीछे कोई अन्य छिपा हुआ मंतव्य न रखें, आप इसे उधार में मुझे दी गयी टिप्पणी न समझें, प्रतिउत्तर में आपके ब्लॉग पर टिप्पणी करने की किसी बाध्यता को मैं नहीं मानता व मुझसे या किसी अन्य ब्लॉगर से भी ऐसी अपेक्षा रखना न तो नैतिक है न उचित ही !... मैं किसी अन्य के लिखे आलेखों पर भी इसी नियम व भावना के तहत टिपियाता हूँ !

असहमति को इस ब्लॉग पर पूरा सम्मान दिया जाता है, आप मेरे किसी भी विचार का खुल कर विरोध या समर्थन कर सकते हैं, परंतु अशिष्ट या अश्लील भाषा यु्क्त अथवा किसी के भी ऊपर व्यक्तिगत आक्षेपयुक्त टिप्पणियाँ कृपया यहाँ न दें... आप अपनी टिप्पणियाँ English, हिन्दी, रोमन में लिखी हिन्दी, हिंग्लिश आदि किसी भी तरीके से लिख सकते हैं... नहीं कुछ लिखना चाहते हैं तो भी चलेगा... आपके आने का शुक्रिया... आते रहियेगा भविष्य में भी... आभार!