मंगलवार, 16 अक्तूबर 2012

काश, तुम्हारे जैसी ही बेटी, दुनिया के हर बाप के नसीब में होती... तुम्हें सलाम !

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वह भी तो
अपने आस पड़ोस की
आम बच्चियों की तरह ही है
कभी किसी बात पर
तो कभी बिना बात के
चहकती-मुस्कराती हुई सी

और हर बच्ची की तरह ही
उसकी भी चाहत है
अपने आस-पास की दुनिया को
जानने और समझने की
अपनी जिंदगी को जीने की

वह अपने इस जीवन पर
अपना अधिकार मानती है
वह पढ़ना भी चाहती है

और इसीलिये नहीं मानती
जाहिल 'रेडियो मुल्ला' का
अंधेरों की ओर धकेलता
हर औरत-बच्ची को
घर में बंद रहने का
मध्य युगीन फरमान

वह उठाती है आवाज
लिख कर, बोल कर
और बहस कर के भी
बताती है वह दुनिया को
हर उपलब्ध मंच पर
पढ़ना चाहती हैं लड़कियाँ
जायज हक है यह उनका

वह जारी रखती है
अपने स्कूल को जाना

और उजाले की इस डोर से
पड़ जाती है खतरे में
हुकूमत अंधेरों की

रवाना कर दिये जाते हैं
दो नामर्द वहशी दरिंदे
छोटी सी उस बुलबुल को
खामोश करने की खातिर







 
 कामयाब रहते हैं वो
उसे नुकसान पहुँचाने में
आज जूझ रही है बुलबुल
अपनी जिंदगी के लिये
लेती है साँस मशीन से
पर उजाले की जीत पर
उसका भरोसा डिगा नहीं

हम सबकी रोशन दुनिया को
निगलने की कोशिशें तो
करते ही रहते हैं अंधेरे
जाने कितनी सदियों से
है उजाला फिर भी बना हुआ
और उम्मीदें हैं कायम भी

क्योंकि अंधेरों के बीचोंबीच
हौसला दिखाता है कोई
जलाने का एक छोटा सा चिराग
मानने से कर इन्कार
अंधेरों-आँधियों के हुक्म को







मलाला युसुफजाई !

काश तुम्हारे जैसी एक बेटी
होती नसीब में
दुनिया के हर बाप के
उस 'रेडियो मुल्ला' के भी


तुम्हें मेरा सलाम !








...



जानिये मलाला यसुफजाई के बारे में...

 यहाँ पर   

पढ़िेये उसकी डायरी भी
 
मलाला की डायरी



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12 टिप्‍पणियां:

  1. मलाला युसुफजाई !
    काश तुम्हारे जैसी एक बेटी
    होती नसीब में
    दुनिया के हर बाप के



    तुम्हें मेरा सलाम !

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस बच्ची के जज्बे और कोशिशों को सलाम...

    लेकिन इसकी उड़ान को रोकने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी तो सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए... इस बच्ची के समर्थन में तो वहां की सरकार नज़र आ रही है, लेकिन उन लोगो के खिलाफ क्या कार्यवाही हुई? और उन जैसी सोच रखने वाले बाकी लोगो का क्या?

    उत्तर देंहटाएं
  3. मलाला और उसकी साथियो के जज्बे को सलाम !
    कट्टरपंथी ऐसी एक आवाज को दबाने की कोशिश करेंगे तो सैकड़ों और उठ खड़ी होंगी।लेकिन ये हमला वहाँ की सरकार के लिए शर्मनाक है जो अपने लोगों के मानवाधिकारो की रक्षा नहीं कर पाती।

    उत्तर देंहटाएं
  4. मलाला और उसकी साथियो के जज्बे को सलाम !
    कट्टरपंथी ऐसी एक आवाज को दबाने की कोशिश करेंगे तो सैकड़ों और उठ खड़ी होंगी।लेकिन ये हमला वहाँ की सरकार के लिए शर्मनाक है जो अपने लोगों के मानवाधिकारो की रक्षा नहीं कर पाती।

    उत्तर देंहटाएं
  5. उगती जब नागफनी दिल में, मरुभूमि बबूल समूल सँभाला ।
    बरसों बरसात नहीं पहुँची, धरती जलती अति दाहक ज्वाला ।
    उठती जब गर्म हवा तल से, दस मंजिल हो भरमात कराला ।
    पढ़ती तलिबान प्रशासन में, डरती लड़की नहिं वीर मलाला ।।

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  6. गर्व करने योग्य बच्ची, ईश्वर उसे बचाये।

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  7. बहुत अच्छा, बहुत ही अच्छा लिखा आपने, मलाला युसुफजाई पर अल्लाह की रहमत है ।

    "फ़ानूस बनकर जिसकी हिफाजत ख़ुद हवा करे।
    वो शमा क्या बुझे, जिसे रोशन ख़ुद खुदा करे...।।"

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  8. काश तुम्हारे जैसी एक बेटी
    होती नसीब में
    दुनिया के हर बाप के
    उस 'रेडियो मुल्ला' के भी
    ...आमीन।

    उस रेडियो मुल्ला के भी..वाह! अंतिम पंक्ति ने खबर को कविता बना दिया। कमाल है!

    उत्तर देंहटाएं
  9. अच्छा लगा इस पोस्ट को पढ़ना। बहादुर बच्ची के स्वास्थ्य के लिये शुभकामनायें। उसके हौसले को सलाम।

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