मैं तो 'काले' को 'काला' ही कहूँगा और 'सफेद' को 'सफेद' भी, आप की मर्जी आप मुझे जो कुछ भी कहो . . .
शनिवार, 19 जून 2010
सीता की दुविधा:रामकथा का नया रूप... क्या हो गया है ब्लॉगवाणी को भाई ?
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मेरे 'धुरंधर ब्लॉगर' मित्रों,
बहुत परेशान हूँ कल दोपहर से...
चार अलग-अलग ब्राउजर से ब्लॉगवाणी खोला, बार बार रिस्टार्ट भी कर देख लिया सिस्टम को...
पर ब्लॉगवाणी के पेज पर मानो सब कुछ ठहर सा गया है... पूरा पेज ३.१९ पी.एम. की पोस्ट 'सीता की दुविधा:रामकथा का नया रूप'... ही दिखाता हुआ मानो ठहर सा गया है।
क्या यह समस्या केवल मुझे है या आपको भी आ रही है, ब्लॉगवाणी के सर्वर की खराबी है या मेरे सिस्टम अथवा सर्विस प्रोवाईडर की... चिठ्ठाजगत मुझे लगातार अपडेट होता दिख रहा है।
आप में से कोई मुझे कुछ बता सकता है क्या इस बारे में ?
आभार!
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3 पाठकों ने टिप्पणी की,आप भी करिये न...:
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सभी जगह ब्लॉग वाणी एसा ही दिख रहा है | कल से ब्लॉग वाणी अपडेट नहीं हो रहा | पता नहीं तकनिकी समस्या है या भाई लोगों की पसंद ना पसंद के ऊपर चिल्लपों का असर है |
प्रत्युत्तर देंहटाएंprobably upgrade but not sure
प्रत्युत्तर देंहटाएंसभी जगह ब्लॉग वाणी एसा ही दिख रहा है |
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