शनिवार, 8 मई 2010

वफादार ईमानदार नहीं हो सकता !


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मेरे 'ईमानदार' मित्रों,

जैसा माहौल है राज-काज में आजकल, आप जानते ही हैं... अक्सर टकराव होता है जीवन मूल्यों को सर्वोपरि रखने वालों व प्रैक्टिकल एप्रोच में विश्वास रखने वालों के बीच में...

ऐसे माहौल में मेरे एक वरिष्ठ अधिकारी अक्सर यह कहते हैं कि...

"ईमानदार शख्स आज के माहौल में वफादार नहीं हो सकता और जो आज के माहौल में वफादार है वह कभी भी पूरी तरह से ईमानदार नहीं हो सकता!"

कभी कभी सोचता हूँ कि उनका कहना कितना सही है...

क्या ऐसा ही नहीं होता धर्म और ईश्वर के बारे में हमारी सोच में...

यदि आप पहले से ही खुद को 'उस' का वफादार मानते और बनाये बैठे हो तो...

क्या आप तर्क और तथ्य आधारित निष्कर्षों के प्रति ईमानदारी दिखा सकते हो ?

तो...

क्या फैसला है आपका ?

'ईमानदारी' या 'वफादारी'

आपके फैसले का इंतजार रहेगा!
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ईश्वर और धर्म को समझने का प्रयास करती इस लेखमाला के अब तक के आलेख हैं:-


बिना साइकिल की मछली... और धर्म ।


अदॄश्य गुलाबी एकश्रंगी का धर्म


जानिये होंगे कितने फैसले,और कितनी बार कयामत होगी?


पड़ोसी की बीबी, बच्चा और धर्म की श्रेष्ठता...


ईश्वर है या नहीं, आओ दाँव लगायें...


क्या वह वाकई पूजा का हकदार है...


एक कुटिल(evil) ईश्वर को क्यों माना जाये...


यह कौन रचनाकार है ?...








...

12 पाठकों ने टिप्पणी की,आप भी करिये न...:

  1. महराज, आप तो कृपानिधान के पीछे ही पड़ गए हैं ! रहम कीजिए परवरदिगार पर ।

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  2. .
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    @ गिरिजेश राव,

    हुजूर, यह तो हम कहते हैं कृपानिधान से...

    रहम करिये आदमजात पर!


    @ अनुनाद सिंह ,

    अच्छा लगा आपका आगमन, स्वागत है मित्र!

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  3. बहुत संक्षिप में कहूँ तो :
    आदमी को ईमानदार होना चाहिए
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    जब हम किसी चीज के प्रति वफादार होते हैं तो कहीं न कहीं आँखें बंद कर लेते हैं
    उदाहरण के तौर पर मान लीजिये हम कांग्रेस के प्रति वफादार हैं
    अब कांग्रेस के टिकट पर कोई भी टपोरी या छुटभैया चुनाव में खड़ा है तो हमारा वोट उसी के पक्ष में जाएगा !
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    आदमी समाज, देश व अपने कार्य के प्रति बस ईमानदार रहे
    यही बहुत है !

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  4. और हां वफादारी तो ईमानदारी के प्रति होनी चाहिये!

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  5. आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके(लिये) ईश्वर से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हैं। ईश्वर का विरोध करते रहियेगा क्योंकि वो आपके वरिष्ठ अधिकारी नहीं हैं :)

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  6. कहाँ से लाते हैं आप इतने पैने विचार। आपने तो सचमुच धर्मसंकट में डाल दिया, अब तो सोचना पडेगा।
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    बूझ सको तो बूझो- कौन है चर्चित ब्लॉगर?
    पत्नियों को मिले नार्को टेस्ट का अधिकार?

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  7. Ramkumar ji .
    You are writing very well on blogs.
    try to read me.
    I want to spread my thouhts everywhere.
    GUIDE ME WHAT SHOULD I dO ?

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  8. अच्छे है आपके विचार ...
    _______________
    पाखी की दुनिया में- 'जब अख़बार में हुई पाखी की चर्चा'

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  9. बहुत संक्षिप में कहूँ तो :
    आदमी को ईमानदार होना चाहिए
    -
    -
    जब हम किसी चीज के प्रति वफादार होते हैं तो कहीं न कहीं आँखें बंद कर लेते हैं

    @ Prakash Govind ji से पूरी तरह सहमत हूँ

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं

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